सार्वजनिक वितरण प्रणाली ऑनलाइन होने से हर साल हो रही 300 करोड़ की बचत : राज्यमंत्री
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी।
खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्यमंत्री कर्णदेव कंबोज ने कहा कि प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाकर प्रतिवर्ष 300 करोड़ रुपये की बचत की जा रही है। हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां न केवल सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत दिए जाने वाले अनाज का वितरण ऑनलाइन और बॉयोमैट्रिक व्यवस्था से किया जा रहा है बल्कि प्रदेश को केरोसिन मुक्त बनाकर मिट्टी के तेल की कालाबाजारी पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। इससे फर्जी उपभोक्ताओं पर अंकुश लगा है और मिट्टी के तेल पर प्रतिवर्ष सब्सिडी के रूप में दी जाने वाली 200 करोड़ रुपये की राशि की बचत भी हुई है।
राज्यमंत्री कंबोज शुक्रवार को पुलिस ऑडिटोरियम में ग्राम स्वराज अभियान के तहत आयोजित राज्य स्तरीय उज्ज्वला दिवस कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मई 2016 में उज्ज्वला योजना शुरू की गई थी, जिसके तहत पांच करोड़ जरूरतमंद परिवारों को निशुल्क एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध करवाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। 3.50 करोड़ परिवारों को इस तरह के कनेक्शन उपलब्ध करवाए जा चुके हैं और हरियाणा में भी चार लाख से अधिक परिवारों को निशुल्क कनेक्शन दिए जा रहे हैं। मंत्री कंबोज ने बताया कि अंबाला में भी 300 लोगों को यह कनेक्शन दिए गए हैं। इस दौरान उन्होंने प्रतीकात्मक तौर पर इस राज्य स्तरीय समारोह में भी 15 महिलाओं को निशुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध करवाए।
राज्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं और बच्चों में खून की कमी की समस्या से निपटने के लिए राशन डिपो के माध्यम से फोर्टिफाइड आटे का वितरण शुरू किया गया है। प्रयोग के तौर पर अंबाला के नारायणगढ़ और बराड़ा विकास खंडों में इसकी शुरूआत की गई है और इसके सख्त सकारात्मक परिणामों को देखते हुए पूरे जिला में यह योजना लागू की जा रही है। विधायक असीम गोयल ने राज्यमंत्री की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने वर्षों से लंबित चली आ रही राइस मिल मालिकों की समस्याओं का भी समाधान किया है। इस दौरान खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रामनिवास ने उज्ज्वला योजना से संबंधी कार्य व अन्य जानकारी दी। इस मौके पर डीसी शरणदीप कौर बराड़, एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।