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- बोर्ड सदन में किचनर रोड का हिस्सा बंद करने व डिग्गी के सौंदर्यकरण मामले में सेना व सिविल सदस्य आमने-सामने

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ढाई घंटे चली कैंटोनमेंट बोर्ड की बैठक में 34 मुद्दों पर चर्चा
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
कैंटोनमेंट बोर्ड के सदन में शुक्रवार शाम को आखिरकार वहीं हुआ जिसकी उम्मीद थी। पार्षदों एवं सैन्य सदस्यों ने अलग-अलग मुद्दों पर एक-दूसरे को घेरने का प्रयास किया। पहले सेना सदस्यों ने आकाश गंगा हॉल के साथ डिग्गी के सौंदर्यीकरण निर्माण की योजना पर कई आपत्तियां निकाली और मामले को पारित करने के बजाए आगे बढ़ाना चाहा। वहीं इस पर बोर्ड उपाध्यक्ष अजय बवेजा का पारा चढ़ गया। उन्होंने कहा कि सेना सदस्य जानबूझकर सिविलियन के लिए बनाए जा रहे पार्क निर्माण में अड़ंगा डालने का प्रयास कर रहे हैं जबकि अपने पार्कों के सौंदर्य में लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। नोंकझोंक का मामला यही नहीं थमा, मामला जब किचनर रोड को बंद या डायवर्ट करने का आया तो पार्षदों ने इसका पुरजोर तरीके से विरोध किया और सेना के इस कदम को असंवैधानिक एवं जनता विरोधी बताया। करीब ढाई घंटे तक चली बैठक में करीब 34 मुद्दों पर चर्चा हुई।

सदन में पहले आकाश गंगा हॉल के निकट डिग्गी में विकसित किए जा रहे नए पार्क के सौंदर्यीकरण का मामला आया। सीईओ एवं सचिव वरुण कालिया ने सदन को बताया कि करीब 52 लाख रुपये की राशि इसपर खर्च की जाएगा। मगर बोर्ड में मनोनीत सैन्य सदस्य कर्नल शशांक बहुगुणा ने इस पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इसकी विस्तृत जानकारी सैन्य सदस्यों को नहीं है। लाखों रुपये का मुद्दा सदन में उठा है और इसे ऐसे ही पारित नहीं किया जा सकता।
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सदस्य कर्नल आरएस दलाल, कर्नल जेजे राजगुरु और सैन्य सदस्यों ने इस मामले से जुड़े पहलुओं की जांच के बाद इसे पारित करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को फिलहाल रोक लिया जाए। मामले को लेकर पहले पार्षद आशिमा ने सैन्य सदस्यों द्वारा जताई आपत्ति का विरोध किया जिसके बाद उपाध्यक्ष अजय बवेजा ने जोरदार तरीके से विरोध उठाया। उन्होंने कहा कि सेना अपने पार्कों के सौंदर्यीकरण के लिए लाखों खर्च कर रही है और इन पार्कों में किसी भी सिविलियन को वॉकिंग तक करने की इजाजत नहीं है। पार्षद के तीखे तेवर देकर पहली बार बैठक में हिस्सा ले रहे सदस्य एवं एडीसी आरके सिंह ने सुझाव रखे और सदन की कार्रवाई को शांत तरीके से आगे बढ़ाने को कहा। बोर्ड अध्यक्ष एवं ब्रिगेडियर विजय सहगल ने इस मुद्दे को केवल सैद्धांतिक तौर पर पारित किया।

किचनर रोड पर बहस
किचनर रोड बंद करने के मामले में पार्षद आशिमा, उपाध्यक्ष बवेजा, सुरेंद्र तिवारी, राजू बाली, लक्ष्मी देवी, वीरेंद्र गांधी और अन्य पार्षदों ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सेना ने अपने क्षेत्र की सड़कें सिविलियन के लिए बंद करती जा रही है। पार्षद आशिमा ने कहा कि यदि सड़कें बंद की जा रही है तो क्या जनता हवा में चलेगी। उन्होंने सेना की एक आरटीआई की प्रति भी सदन में दिखाई जिसमें बताया गया था कि सेना द्वारा कोई रोड सैन्य क्षेत्र में बंद नहीं की गई है। उधर इस मुद्दे पर सभी पार्षदों ने हस्ताक्षर कर एक नोट भी सीईओ को दिया। बोर्ड अध्यक्ष ने इस मामले में एडीसी के नेतृत्व में लोगों की आपत्तियां सुनने के लिए चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया।
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सदन में पारित हुए मुद्दे
- भगत सिंह मार्केट में अब नॉनवेज की दुकानें चल सकेंगी
- कैंटोनमेंट क्षेत्र में बॉयो टॉयलेट का टेंडर रद्द
- कैंटोनमेंट क्षेत्र में भवनों पर सोलर पॉवर प्लांट लगाने की योजना
- बोर्ड द्वारा स्कूली बच्चों के लिए जूते और वर्दी खरीदने का प्रस्ताव पारित
- अलग-अलग वार्डों में लाखों रुपये के मरम्मत और निर्माण कार्य होंगे।

कूड़ा उठाने के लिए निगम की तर्ज पर देनी होगी राशि
बैठक में निगम की तर्ज पर घर-घर से कूड़ा उठाने के लिए प्रस्तावित दरों को भी पारित किया गया। इसमें घरों के लिए 50 रुपये, ढाबा के लिए 350, रेस्टोरेंट के लिए 1500 रुपये, होटल और गेस्ट हाउस के लिए एक हजार रुपये, वर्कशॉप के लिए एक हजार रुपये, बैंक के लिए 500 रुपये, सब्जी विक्रेता के लिए 200 रुपये, स्कूल और कालेजों के लिए 200 से 1500 रुपये की राशि तय की गई।
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