अंबाला। कोहरे और कड़ाके की ठंड के बीच निजी और रोडवेज बसों के चालक निर्धारित गति के निर्देशों की अवहेलना कर रहे हैं। ऐसे में वह अपने साथ साथ यात्रियों की जान भी खतरे में डाल रहे हैं, जबकि महाप्रबंधक की ओर से आदेश जारी हुए हैं कि ठंड और कोहरे में चालक बसों को 40 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चलाएं, इससे ज्यादा नहीं। लेकिन इसके बाद भी कुछ चालक मनमर्जी कर रहे हैं, वहीं कोहरे के कारण अंबाला सहित विभिन्न डिपो की बसें अपने गंतव्य पर डेढ़ से ढाई घंटे की देरी से पहुंच रही हैं, वहीं अंबाला से कालका के बीच चार चक्कर लगाने वाली बस का एक फेरा कम किया गया है।
सोनीपत-ब्यास और दिल्ली मार्ग पर हो रही देरी
सोनीपत डिपो के चालक ने बताया वह सुबह 8:35 पर रोहतक से ब्यास के लिए रवाना होते हैं और शाम 6:30 बजे ब्यास पहुंच जाते हैं। इसके बाद वापसी में वह दिल्ली जाते हैं। लेकिन इन दिनों जाम और अब कोहरे को देखते हुए वह जाते हुए दो से ढाई घंटे और आते हुए भी दो घंटे तक की देरी से पहुंच रहे हैं। कई बार वह बस की गति 40 रखते हैं और जहां रास्ता साफ होता है वहां पर वह 50 से 60 की गति से बस को चलाते हैं।
80 की गति निर्धारित, धीमी चला रहे बस
यमुनानगर से चंडीगढ़ मार्ग पर संचालन कर रही यमुनानगर डिपो की वातानुकूलित बस के चालक ने बताया कि उनकी बस की गति 80 किलोमीटर निर्धारित है। लेकिन इन दिनों कोहरे के कारण बस को धीमी गति से चला रहे हैं, जैसे ही वह बलदेव नगर पार करते हैं तो आगे जाम और घना कोहरा परेशान करता है।
अंबाला से कालका मार्ग का एक फेरा हो रहा मिस
अंबाला से कालका मार्ग पर संचालन कर रहे पंचकूला डिपो के चालक विक्की ने बताया कि वह अंबाला छावनी बस अड्डे से सुबह 7:20 बजे कालका के लिए संचालन करते हैं। इस तरह व पूरे दिन में आने जाने के चार फेरे लगाते हैं। लेकिन कोहरे के कारण बस लेट पहुंच रही है। इस कारण दिन का एक फेरा उनका मिस हो रहा है क्योंकि वह समय कवर नहीं कर पा रहे हैं।
दिल्ली- पटियाला मार्ग पर संचालन कर रहे वातानुकूलित बस के चालक राकेश बताते हैं कि दिल्ली से पटियाला जाते हुए दो घंटे की देरी से पहुंच रहे हैं। इसी तरह से चंडीगढ़ से हरिद्वार जा रही अंबाला डिपो की बस चालक ने बताया वह अपने गंतव्य पर दो घंटे तक की देरी से पहुंच रहे हैं।
पीआरटीसी के चालक ने बताया कि वह पटियाला से दिल्ली मार्ग पर बस का संचालन करते हैं। कोहरे और ठंड को देखते हुए उन्हें अधिकारियों की और से कोई आदेश नहीं मिले हैं, वह आमतौर पर 60 से 70 की गति पर बस को चला रहे हैं। अगर कहीं घना कोहरा होता है तो वह बस की गति को धीमा कर लेते हैं।
वर्जन
जो भी बस चालक बसों को 40 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से तेज चलाएंगे उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
अश्वनी डोगरा, महाप्रबंधक अंबाला।