अंबाला। धागा लेकर छावनी रेल यार्ड से बांग्लादेश के लिए चली स्पेशल पार्सल ट्रेन बेशक 10 दिन बाद भी बॉर्डर तक नहीं पहुंच पाई, लेकिन सामान भेजने वाले व्यापारियों को ट्रेन चलने से काफी राहत मिली है, वहीं अब 4 अन्य कंपनी के प्रतिनिधियों ने भी इस ट्रेन से सामान भेजने की इच्छा जताई है। पंजाब व हिमाचल के नए व्यापारियों ने बांग्लादेश के लिए चली ट्रेन से अपना सामान भेजने की इच्छा जताई है। बाकायदा इस संबंध में सामान भेजने वाली कंपनी के प्रतिनिधि से भी बात की गई है ताकि अगले रैक में उनका सामान भी लोड हो सके।
ये कंपनियां भेज चुकी सामान
अधिकांश फैक्टरियां पंजाब व हिमाचल में हैं। स्पेशल पार्सल ट्रेन से धागा भेजने वाली कंपनियों में आरती इंटरनेशनल, सीडर टेक्सटाइल्स, गर्ग एक्रेलिक, नाहर स्पिनिंग और वर्धमान टेक्सटाइल्स शामिल हैं।
प्लास्टिक के साथ लोड होंगे खाद्य पदार्थ
एमजीएच ग्रुप की सहायक कंपनी एमजीएक्स डॉट कॉम के साथ कार्य करते हुए पहला वीपीयू रेल लोड 27 जून को भेजा गया था। कंपनी प्रतिनिधि ने बताया कि कुछ और कंपनियों ने भी सामान भेजने की इच्छा जताई है, इसमें प्लास्टिक का सामन बनाने वाले कंपनियों के साथ खाद्य पदार्थ बनाने वाली कुछ कंपनियां शामिल हैं। मंडल से बांग्लादेश भेजे गए पहले रैक से लगभग 25 लाख रुपये के राजस्व की प्राप्ति होगी। स्पेशल पार्सल ट्रेनों के संचालन को लेकर एक साल का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे लगभग 12 करोड़ रुपये मंडल को राजस्व के रूप में प्राप्त होंगे।
सकारात्मक परिणाम
ट्रेन बेशक अभी बांग्लादेश नहीं पहुंची है, लेकिन व्यापारियों ने रेलवे द्वारा चलाई गई स्पेशल पार्सल ट्रेन की सराहना की है। पहले जहां 5 कंपनियों से आए धागा को लोडकर भेजा गया था, वहीं अब 4 दूसरी कंपनियों ने भी संपर्क किया है, उन्होंने भी ट्रेन के माध्यम से सामान भेजने की इच्छा जताई है।
-हिमांशु पंत, निदेशक/सीईओ एमजीएच इंडिया।