नांदेड साहिब से लाये गये 39 श्रद्धालुओं को बुधवार-वीरवार आधी रात को क्वारंटीन किया गया। इन सभी को पटियाला से अंबाला पंजाब रोडवेज की बस में भेजा गया था। इनमें न केवल अंबाला बल्कि दिल्ली, करनाल, कैथल, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर जिलों के श्रद्धालु भी शामिल हैं। देर रात स्वास्थ्य विभाग ने सभी की स्क्रीनिंग की और इन्हें अंबाला शहर की कंबोज और शांति धर्मशाला में क्वारंटीन कर दिया। इससे पहले सुरक्षा की दृष्टि से मौके पर एएसपी नितिका खट्टर, डीएसपी मुनीष कुमार और महिला थाना प्रभारी और उनकी टीम के अलावा कुल 40 अंबाला पुलिस के जवान मौके पर मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारियों में मौके पर सत्येंद्र सिवाच, तहसीलदार विक्रम सिंगला, रेडक्रॉस कार्यक्रम अधिकारी मनोज सैनी भी मौजूद रहे। पंजाब और अंबाला पुलिस के सहयोग से इन्हें यहां लाया गया। कोरोना के संक्रमण की आशंका के चलते स्वास्थ्य विभाग ने सभी की स्क्रीनिंग के बाद उन्हें अपनी निगरानी में रखने के लिए क्वारंटीन किया। इसके बाद इन सभी के सैंपल लेकर वीरवार को जांच के लिए भेजे दिए गए। स्वास्थ्य विभाग का कहना है इनके सैंपल यदि नेगेटिव भी आये तब भी इन्हें क्वारंटीन में रखा जायेगा। सात दिन के बाद दोबारा इनके सैंपल जांच के लिए भेजे जायेंगे। इसके बाद आगामी निर्णय लिया जाएगा।
13 मार्च को पहुंचे थे हजूर साहिब : यह सभी श्रद्धालु 13 मार्च को नादेड़ हजूर साहिब महाराष्ट्र और कर्नाटक के बार्डर पर पहुंचे थे। इनमें से कुछ लोग मत्था टेकने के लिए गए थे, जबकि कुछ लोग इस मेले में सामान बेचने। बता दें कि होला मोहल्ला जोकि होली से अगले दिन होता है उसमें शामिल होने के बाद वहीं फंसे थे। अब वहां से 27 अप्रैल को लॉक डाउन में ढील होने के कारण रवाना हुए थे। वहां से 80 बसें भेजी गई थी उनमें से एक अंबाला पहुंची थी।
प्रदेश के किस-किस जिले से कितने श्रद्धालु हैं इनमें शामिल: दिल्ली के 7, करनाल के 3, यमुनानगर के 5, गुहला-चीका (कैथल) के 6, कैथल का 1, कुरूक्षेत्र के 2, पिंजौर का 1, फतिहाबाद जाकर के 3, अंबाला कैंट के 2, शहजादपुर, अंबाला का 1, पिलखनी अंबाला के 2 श्रद्धालु शामिल है।