कोरोना की दूसरी लहर से पहले जिले में औसतन हर माह करीब 380 सर्जरी छावनी और शहर नागरिक अस्पताल में हो रही थी। इनमें ईएनटी, आंख, सामान्य सर्जरी और ऑर्थो की सर्जरी शामिल हैं। लेकिन कोरोना के चलते यह सभी सर्जरी बंद हो चुकी हैं। इस समय केवल ऑर्थो सर्जरी की जा रही हैं, वह भी बेहद आपात स्थिति में। इनमें भी ज्यादातर संख्या में केवल प्लास्टर ही लगाया जा रहा है।
कोरोना काल में अभी तक करीब 15 मरीजों को अभी तक यह सुविधा दी गई है। ओपीडी की बात करें तो औसतन हर दिन बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ के पास कैंट और शहर में करीब 50-60 ओपीडी हो रही हैं। वहीं महिला रोग विशेषज्ञ के पास दोनों अस्पतालों में औसतन 200 से ज्यादा ओपीडी होती हैं। इसके अलावा करीब 150 से ज्यादा ओपीडी मेडिसिन विभाग में भी हो रही हैं। इस समय ऑर्थो, नेत्र रोग, ईएनटी और सामान्य सर्जरी पूरी तरह से बंद हैं। इनकी ओपीडी भी बंद है। इसी तरह चर्म रोग की भी ओपीडी पूरी तरह से बंद है। कोरोना से पहले औसतन हर दिन छावनी और शहर नागरिक अस्पताल में करीब 3500 ओपीडी होती थी। जोकि अब घटकर मात्र 400 के करीब रह गई हैं।
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सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा जारी
वहीं जिले के सरकारी अस्पतालों में कोविड काल में भी सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। कोविड काल में भी औसतन अंबाला कैंट और शहर नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन करीब 5-6 सिजेरियन डिलीवरी करवाई जा रही हैं।
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वर्जन
कोरोना के चलते अभी ओपीडी और सामान्य सर्जरी बंद रखी गई हैं। कुछ ही ओपीडी में दो घंटे डॉ. अपनी सेवाएं दे रहे हैं। आपातकालीन स्थिति में 24 घंटे सेवाएं जारी हैं। जब तक कोरोना का असर कम नहीं होता तब तक सामान्य सर्जरी नहीं होंगी।
डॉ. कुलदीप सिंह, सिविल सर्जन।