कस्बे के आखिरी गांव कालाआंब में बढ़ते कोविड 19 के मरीजों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इस गांव में मूल निवासियों की अपेक्षा प्रवासी मजदूरों की संख्या कई गुना अधिक है। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार ही यहां 33 संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। यहां रहने वाले अधिकतर प्रवासी मजदूर हिमाचल की औद्योगिक इकाइयों में काम करते हैं। हिमाचल से हरियाणा में आने- जाने के लिए स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन के कोई नियम नहीं होने से नारायणगढ़ और शहजादपुर में भी कोरोना के लगातार केस बढ़ रहे हैं। बता दें कि शहजादपुर में जिले में चौथे नंबर पर सबसे ज्यादा केस हैं। शहजादपुर में भी कालाआंब की फैक्टरी में काम करने वाले काफी प्रवासी मजदूर रहते हैं।
वर्जन
इस गांव में 33 एक्टिव केस में से 5 मरीज ठीक हो चुके हैं। 3 मरीजों की मृत्यु हो चुकी है। 4 मरीज अस्थायी कोविड केंद्र बड़ागढ़ में दाखिल हैं। 1 मरीज अंबाला रेफर है। मृतकों में 1 अंबाला,1 नाहन व 1 शिमला के थे। अभी तक 25 केस एक्टिव हैं। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर सरकार ने भी तैयारियां कर ली हैं। गांव स्तर पर आइसोलेशन सेंटर बनाएं जा रहे हैं। गांव हमीदपुर के शहीद स्क्वाड्रन लीडर सिद्धार्थ वशिष्ठ राजकीय उच्च विद्यालय में 20 बेड का आसोलेशन सेंटर बनाया गया है।
डॉ. गुरमीत, सीएचसी अम्बली इंचार्ज।