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सेनेटरी इंस्पेक्टर की अग्रिम जमानत याचिका अदालत ने की मंजूर

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सेनेटरी इंस्पेक्टर की अग्रिम जमानत याचिका मंजूर
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी निगम के सेनेटरी इंस्पेक्टर सुनील दत्त की अग्रिम जमानत याचिका अदालत ने मंजूर कर ली है। अदालत ने आरोपी इंस्पेक्टर को पुलिस जांच में सहयोग करने की शर्त पर जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए। इंस्पेक्टर की तरफ से अदालत में अधिवक्ता तरुण दत्ता और सुखप्रीत सिंह पेश हुए।
अधिवक्ता ने अदालत में दलीलें देते हुए कहा कि उनके मुवक्किल को झूठा फंसाया गया है और उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया है, जबकि धारा 306 के लायक तथ्य इस मामले में नहीं हैं। दत्ता ने कहा कि आरोपी निगम में सेनेटरी इंस्पेक्टर है और अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से काम लेने के लिए सरकार ने उसे अधिकृत किया है, अगर कोई कर्मचारी ठीक से काम नहीं करता तो अधिकारी उसे काम करने के लिए कहेगा ही, इसके कारण किसी अधिकारी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया जाना सरासर गलत है। वहीं अभियोजन पक्ष ने मामले को संगीन बताते हुए आरोपी की जमानत याचिका खारिज करने की मांग की। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी सुनील दत्त की जमानत याचिका मंजूर करते हुए उन्हें जांच में सहयोग करने के आदेश दिए।
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गौरतलब है कि निगम में सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान प्रदीप मचल की मौत के बाद विवाद हुआ और उनकी पत्नी ने सेनेटरी इंस्पेक्टर को मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया। शिकायतकर्ता के आरोप हैं कि सेनेटरी इंस्पेक्टर उनके पति को काफी समय से प्रताड़ित कर रहा था, जिस कारण उनका पति दिमागी रूप से परेशान चल रहा था और उनकी मौत के लिए भी शिकायतकर्ता ने सीधे तौर पर सेनेटरी इंस्पेक्टर को जिम्मेदार ठहराया। पुलिस ने बीती 28 अगस्त को सेनेटरी इंस्पेक्टर पर केस दर्ज किया था।
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