कार्यक्षमता को बढ़ाने और मैनपावर के बेहतर इस्तेमाल के लिए लिया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। रेलवे में कार्यक्षमता को बढ़ाने और मैनपावर के बेहतर इस्तेमाल के लिए बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मैनपावर रैशनलाइजेशन के लक्ष्य निर्धारित कर दिए हैं। इसके तहत देशभर के सभी जोन और उत्पादन इकाइयों से 29,608 पदों को समाप्त (सरेंडर) या पुनर्वितरित किया जाएगा।
रेलवे बोर्ड की ओर से 24 अप्रैल 2026 को जारी पत्र के अनुसार, सभी जनरल मैनेजरों को निर्देश दिया गया है कि वे 1 अप्रैल 2026 तक की कुल स्वीकृत संख्या का 2 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करें। यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी होगी और इसे एचआरएमएस पोर्टल के माध्यम से ही अपडेट करना होगा।
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उत्तर रेलवे में सबसे ज्यादा कटौती
आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक असर उत्तर रेलवे पर पड़ेगा। यहां 3,303 पदों को तर्कसंगत बनाया जाएगा। इसके बाद पूर्व रेलवे में 2,544 और मध्य रेलवे में 2,492 पदों पर यह कार्रवाई होगी। मेट्रो रेलवे कोलकाता में भी 102 पदों को इस दायरे में लाया गया है।
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तिमाही आधार पर पूरा होगा लक्ष्य
रेलवे बोर्ड के निदेशक अमित सिंह मेहरा की ओर से जारी इस आदेश में कहा गया है कि जोनों को यह लक्ष्य एक साथ पूरा करने के बजाय हर तिमाही के आधार पर किस्तों में पूरा करना चाहिए। बोर्ड का मानना है कि इससे काम के बोझ का सही वितरण हो सकेगा और पुराने पड़ चुके पदों को हटाकर आधुनिक जरूरतों के हिसाब से मैनपावर का उपयोग किया जा सकेगा।