अंबाला। लाल डोरे की जमीन के तहत नगर परिषद में 275 लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं। अब इन आपत्तियों को दूर करने का काम कनिष्ठ अभियंताओं के सुपुर्द होगा जो संबंधित व्यक्ति को कार्यालय बुलाएंगे और लाल डोरे के अधीन संपत्ति की खामियों को दूर करेंगे।
इसके बाद निर्धारित कमेटी के समक्ष आपत्तियों से संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी जोकि जांच के बाद इस पर मोहर लगाएगी। इसके बाद ऑनलाइन माध्यम से संपत्ति आईडी का प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा। संपत्ति आईडी जारी होने के बाद संबंधित व्यक्ति को रजिस्ट्री करवाने में कोई दिक्कत नहीं होगी। वहीं वो बैंक से संबंधित कार्य, जैसे लोन आदि भी ले सकेगा। इसके अलावा भी सरकारी दस्तावेजों के तहत संपत्ति आईडी का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
आठ हजार लोगों को बांटे नोटिस
नगर परिषद के अधीन 32 वार्डों में टीमों को भेजा गया था। उन्होंने प्रत्येक वार्ड में लाल डोरे के अधीन आने वाली संपत्ति से संबंधित व्यक्तियों को नोटिस दिए थे कि अगर उनकी संपत्ति में कोई बदलाव या खामी है तो वो 15 दिन के अंदर नगर परिषद कार्यालय आकर अपना आवेदन दें ताकि समय रहते इसमें सुधार किया जा सके।
क्षेत्र के लोगों को मिलेगी सौगात
लाल डोरे की जमीन से संबंधित सर्वे नगर परिषद के अधीन कलरहेड़ी गांव के साथ टूंडला, बोह, बब्याल, चंदपूरा, सरसेहडी, रामपुर, रामगढ़ उर्फ सरीफपूर, खोजकीपुर, नग्गल, घसीटपूर, नन्हेड़ा, शाहपुर मच्छौंडा, सलारहेडी, खुड्डा खुर्द और करधान में किया गया था।
यह सुनेंगे आपत्तियां
नगर निकाय विभाग ने नगर परिषद अंबाला सदर के अधीन लाल डोरे की जमीन से संबंधित आपत्तियों की सुनवाई के लिए क्षेत्र के हिसाब पांच कनिष्ठ अभियंताओं को जिम्मेदारी सौंपी है। इसमें कनिष्ठ अभियंता संदीप कुमार धीमान को टूंडला, कलरेहड़ी, रामगढ़ और बोह की जिम्मेदारी दी है। इसी प्रकार जयदीप राणा को बब्याल, चंदपुरा, सरसेहड़ी और रामपुर, मंदीप कुमार को खोजकीपुर, खुड्डा खुर्द, सलारेहड़ी, संदीप कुमार को नग्गल, घसीटपुर और करधान और सोमवीर को नन्हेडा, शाहपुर और मच्छौंडा की जिम्मेदारी सौंपी है।
वर्जन
लाल डोरे की जमीन के मालिकाना हक के लिए आठ हजार लोगों को नोटिस दिए थे, जिससे कि वे संपत्ति आईडी की खामियों को दुरुस्त करा सकें। इसके लिए एक पांच सदस्यीय टीम का गठन किया है। संपत्ति धारक नप कार्यालय आकर अपनी आपत्तियों को दुरुस्त करा सकते हैं।
देवेंद्र नरवाल, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद सदर।