अंबाला। अंबाला में अत्यधिक बारिश बाढ़ जैसे हालात ले आती है। खासकर पहाड़ों पर होने वाली बारिश से नदियां उफान मारती हैं। ऐसी स्थिति को देखते हुए पानी की निकासी प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती है।
अभी तक तैयारियों की बात करें तो ड्रेनों की सफाई के लिए निविदा के फेज में काम चल रहा है। वहीं टांगरी व मारकंडा नदी की खोदाई के कार्य भी निविदा के फेज में हैं। इन नदियों में भी खोदाई के कार्य को शुरू होने में एक सप्ताह के आसपास का समय लग सकता है। 15 जून के आसपास हरियाणा में दक्षिण पश्चिम मानसून दस्तक देगा। ऐसे में मानसून आने में 25 दिन शेष बचे हैं। इतने दिनाें में ड्रेनों की सफाई और नदियों की खोदाई कराना किसी चुनौती से कम नहीं है।
35 लाख रुपये से होंगी 32 ड्रेनें साफ
सिंचाई विभाग ने ड्रेनों की सफाई के लिए करीब 35 लाख रुपये का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा है। इस धनराशि से 32 ड्रेनों की सफाई का कार्य कराया जाएगा। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मानें तो चार से पांच दिन में ड्रेनाें की सफाई का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
निविदा के फेज में टांगरी और मारकंडा नदी की खोदाई
टांगरी पर पहली बार सिंचाई विभाग अधिकृत रूप से खोदाई कराने जा रहा है। यहां 42 किलोमीटर तक तीन पैचों में टांगरी की खोदाई का काम होगा। मंगलवार को इस काम के लिए तकनीकी निविदा खुली थी। इसमें एक पैच के लिए दो तो अन्य के लिए एक-एक एजेंसी ने रुचि दिखाई थी। अब यह काम कितनी लागत में होगा। इसके लिए वित्तीय निविदा खोली जाएगी। इस कार्य से टांगरी को 500 से 600 मीटर तक चौड़ा कर एक साथ किया जाएगा। पंजाब बाॅर्डर से लेकर अंबाला तक कुल 22 गांवों पर से बाढ़ का खतरा हट जाएगा। इसी प्रकार मारकंडा नदी पर भी खोदाई का कार्य होना है। इसकी निविदा को होने में भी तीन से चार दिन का समय लगेगा।
यह रह सकती हैं बड़ी चुनौतियां
-25 दिनों में दोनों कार्य को पूरा करना सबसे बड़ी चुनौती है।
-मानसून से पहले पश्चिमी विक्षोभों के आने से दिक्कत होगी।
-नदियों की खोदाई के लिए एजेंसियों को डर है कि कहीं बारिश उनका नुकसान न करा दे।
-टांगरी नदी में लोगों के प्लॉट हैं यहां लोगों की सहमति के साथ कैसे काम होगा यह भी चुनौती बन गया है।
-ड्रेनों की सफाई के लिए पूरी मशीनरी के साथ युद्ध स्तर पर काम करना होगा।
समय से पूरा कर लेंगे काम : एक्सईएन
एक्सईएन कृष्ण भुक्कल ने बताया कि सभी कार्यों की निविदाएं आखिरी पड़ाव में है। जल्द ही काम को शुरू कराने पर जोर दिया जा रहा है। 15 जून तक नहरों की सफाई का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसी प्रकार नदियों की खोदाई को भी समय से पूरा कराने की उम्मीद है। वहीं विशेषज्ञ के तौर पर सिंचाई विभाग के एक्सईएन अनिल चौहान ने बताया कि अगर युद्ध स्तर पर काम होगा तो दोनों कार्य समय से पूरे किए जा सकते हैं।