अंबाला सिटी। नवरात्र के पहले व्रत में कुट्टु का आटा और सामक खाने के बाद जिले में करीब 24 लोगों की तबीयत बिगड़ गई। बावजूद इसके अभी तक खाद्य सुरक्षा विभाग नींद से नहीं जगा है। अब तक न तो सैंपलिंग हुई और न ही दुकानदारों के लिए इससे संबंधित कोई एडवाजरी।
हैरानी की बात यह है कि विभाग का जिम्मा जिस अधिकारी है उनके पास अंबाला के साथ-साथ रोहतक और पंचकूला का भी चार्ज है। जबकि विभाग में कर्मचारियों की कमी चल रही है। हालांकि इन मरीजों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर दी है।
इंद्रपुरी कॉलोनी निवासी सचिन राणा ने बताया कि विभाग को नवरात्र से पहले ही जांच शुरू कर देनी चाहिए। अगर पहले से ही विभाग ने दुकानों में जाकर सैंपलिंग की होती तो लोगों को परेशानी न होती। उन्होंने कहा कि बाजारों में खुले आम ही एक्सपायर खाद्य सामग्री बिक रही है। इसके लिए सख्ती से कार्रवाई होनी चाहिए।
ओपीडी बढ़ने पर बनाया रिकॉर्ड
कुट्टु के आटे सहित नागरिक अस्पताल में पेट दर्द, उल्टी की भी ओपीडी बढ़ने लगी है। इसके चलते अब विभाग ने इस प्रकार के मरीजों का अलग से रिकॉर्ड रखने के लिए कर्मचारी की ड्यूटी लगाई है। इस प्रकार के मरीजों का डाटा अलग रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा।
वर्जन
उनके पास अंबाला सहित रोहतक और पंचकूला का भी चार्ज है। इसलिए जिलों में काम प्रभावित रहता है। इसके साथ ही कर्मचारियों की भी कमी है। वहीं किसी भी प्रकार की सैंपलिंग के लिए एक अधिकारी का होना जरूरी है।
डॉ. योगेश कादयान, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अंबाला
वर्जन
हमारी ओर से जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी को एडवाइजरी जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही अधिकारी को जांच करने के लिए भी कहा गया है।
-डॉ. राकेश सहल, सीएमओ स्वास्थ्य विभाग अंबाला।
सामक के चावल दुकानदार को वापिस देने पहुंचे इंद्रपुरी के सचिन राणा। संवाद- फोटो : शहर में एक स्टोर पर किताब खरीदते हुए अभिभावक।
सामक के चावल दुकानदार को वापिस देने पहुंचे इंद्रपुरी के सचिन राणा। संवाद- फोटो : शहर में एक स्टोर पर किताब खरीदते हुए अभिभावक।
सामक के चावल दुकानदार को वापिस देने पहुंचे इंद्रपुरी के सचिन राणा। संवाद- फोटो : शहर में एक स्टोर पर किताब खरीदते हुए अभिभावक।