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आढ़तियों ने धान की भराई व उठान का कार्य किया बंद, मंडियों से राइस मिलर नहीं करेंगे उठान

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आढ़तियों ने धान की भराई और उठान किया बंद, मंडियों से राइस मिलर नहीं करेंगे उठान
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फोटो नंबर----- 21 से 25
सरकार की अफसरशाही से परेशान राइस मिलरों ने की हड़ताल, कहा- खुद पहुंचाओ जीरी
राइस मिलरों के पास धान न पहुंचने से हो सकती है परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। आढ़तियों ने अनाज मंडी में आने वाली जीरी की भराई और उठान का कार्य शनिवार दोपहर से पूरी तरह से बंद कर दिया है। शनिवार दोपहर को राइस मिलरों ने अनाज मंडी पहुंचकर आढ़तियों से बोरियां भरवाने के कार्य को बंद करने का आह्वान किया और रोष व्यक्त करते हुए मार्केट कमेटी के बाहर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं आढ़तियों से बातचीत के दौरान राइस मिलरों व आढ़तियों के बीच काफी तनातनी भी हुई लेकिन बाद में मीटिंग का आयोजन कर आढ़तियों व राइस मिलरों ने मिलकर सरकार के खिलाफ विरोध करते हुए बोरियों के भराई और उठान का कार्य बंद करने का फैसला लिया।
राइस मिलर एसोसिएशन के सदस्य संजीव गर्ग, सतपाल गुप्ता, राजकुमार, जतिंद्र अग्रवाल, मखन लाल गोयल ने कहा कि सरकार की ओर से मिलरों को तंग करने के लिए कमेटी का गठन किया गया है, जोकि बार-बार मिलरों के अकाउंट चेक करते हुए उन्हें परेशान कर रही है। जब तक परमिट के हिसाब से कार्य नहीं होता है वह कार्य भी नहीं करेंगे। साथ ही कंपनियों की ओर से मिलरों को क्रेट के ढाई रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से मिलते हैं, वह भी नहीं दिए जा रहे हैं। जब तक सरकार इन सभी चीजों पर सहमति नहीं बनाती है तब तक वह इसका विरोध करते हुए उठान नहीं करेंगे।
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कंपनी खुद पहुंचाए मिलरों तक जीरी
मीटिंग के दौरान एसोसिएशन सदस्यों ने निर्णय लिया कि जब तक कंपनी स्वयं फसल को खरीद 17 प्रतिशत से कम नमी के साथ राइस मिलों तक नहीं पहुंचाती है तब तक वह कार्य नहीं करेंगे। वह मंडियों से जीरी की फसल का न तो उठान करेंगे और न ही उनकी भराई की जाएगी।
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किसानों के लिए बढ़ेगी परेशानी
आढ़तियों की हड़ताल के बाद किसानों पर एक और मार पड़नी तय है। फसल की भराई न होने के कारण किसान की फसल मंडियों में ही पड़ी रहेगी, जिस कारण किसानों को अपनी फसल की रखवाली के लिए मंडियों में रहना पड़ेगा, जिस कारण उन्हें और अधिक परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
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