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पंचायती जमीन पर कब्जे का लगाया आरोप

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पंचायती जमीन पर बना दिया मकान, पिछड़ी जाति के लोग पहुंचे कोर्ट
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। शाहपुर गांव में एक व्यक्ति पर पंचायती जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया गया है। पिछड़ी जाति के लोगों का कहना है कि जिस जमीन पर धर्मशाला बनाने का प्रस्ताव ग्राम पंचायत से पास हुआ था, उसी जमीन पर मकान बना लिया गया। इसके बाद उन्हें कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। मामले में अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी।
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कश्यप समाज के प्रधान लक्ष्मण सिंह ने बताया कि गांव की पंचायत ने एक कनाल बारह मरले (खसरा नंबर 346) जमीन पर पिछड़ी जाति की धर्मशाला बनाने का प्रस्ताव छह फरवरी 2008 को पास किया था। इसके बाद गांव के ही पवन सैनी ने कब्जा करने की नियत से यहां बने शौचालय को 27 फरवरी 2008 को गिरा दिया और गौहर बना लिया। इसके बाद पंचायत ने खाली जमीन की निशानदेही पांच मार्च 2008 को करवाई थी। मामले में तत्कालीन डीसी को शिकायत दी गई थी। डीसी के आदेशानुसार बीडीपीओ ने सरपंच नरेश कुमार को नाजायज कब्जा हटाने के आदेश दिए थे। सरपंच ने कब्जा नहीं हटाया बल्कि 11 मार्च 2009 को पवन सैनी ने रातभर में ही उस स्थान पर मकान बना लिया। लक्ष्मण सिंह ने बताया कि साल 2013 में गांव नगर निगम में आने के बाद एसडीएम ने निगम को कार्रवाई का आदेश दिया, लेकिन पवन सैनी ने कोर्ट में झूठा दावा पेश कर निगम को ही पार्टी बना लिया। इसी दौरान पूर्व सरंपच ने कोर्ट में झूठी गवाही दे दी कि यह मकान पवन कुमार के दादा ने बनवाया था। इसके बाद पिछड़ी जाति के लोगों ने कोर्ट की शरण ली।
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कोट्स
शाहपुर गांव में पंचायत की जमीन पर मकान बना लिया गया। पूर्व सरपंच की गवाही पर डिग्री भी हो गया। इस मामले को कोर्ट में चैलेंज किया है।
-नवनीत कुमार, एडवोकेट।
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