हावड़ा मेल में लूट नहीं महज चेन खींची थी युवाओं ने
रमिंद्र सिंह
अंबाला कैंट। ट्रेन नंबर 13006 अमृतसर-हावड़ा मेल में लूट की वारदात पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। जीआरपी और आरपीएफ की अब तक की गई जांच में ऐसा कोई साक्ष्य सामने नहीं आया कि किसी यात्री से लूट को कोशिश की गई हो। आरपीएफ अधिकारियों ने मुरादाबाद और लखनऊ रेलवे स्टेशन तक संपर्क कर यात्रियों के बयान करवाए हैं, मगर किसी ने भी लूट की वारदात जैसा कोई बयान नहीं दिया। अधिकतर यात्रियों को पता भी नहीं की ट्रेन में कोई संदिग्ध सवार भी था या नहीं। अब सवाल उठता है कि ट्रेन में गश्त कर रहे जवानों ने आखिरकार किन संदिग्धों को देखा और बयान दिए कि ट्रेन में लूट करने कुछ लोग एस-4 डिब्बे में चढ़े थे। इतना ही नहीं जीआरपी ने भी सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने एवं ट्रेन में पत्थर मारने के आरोप में ही केस दर्ज किया है। यानि साफ है कि ट्रेन में गश्त कर रहे जवानों के दावे हकीकत की कसौटी पर अब तक खरे नहीं उतर सके हैं।
आरपीएफ ने विभिन्न स्टेशनों पर यात्रियों के लिए बयान
घटना के बाद आरपीएफ अंबाला ने मुरादाबाद, लखनऊ मंडल आदि को सूचना भेजी थी और हावड़ा मेल में गश्त कर रहे जवानों के बयानों पर एस-4 डिब्बे में सफर कर रहे यात्रियों के बयान भी लिए थे, मगर किसी भी यात्री ने यह नहीं कहा कि ट्रेन में कोई लूट की कोशिश या उनसे किसी प्रकार की कोई छीनाझपटी हुई थी। जिस स्थान पर ट्रेन में गश्त कर रहे आरपीएफ जवानों ने वारदात की जगह बताई उसी जगह से कुछ ही दूरी पर दुखेड़ी रेलवे स्टेशन का फाटक भी है। यहां गेटमैन की चौबीस घंटे तैनाती रहती है। मगर, किसी गेटमैन ने भी ऐसी कोई घटना के बारे जानकारी नहीं दी। इस मामले में ट्रेन में गश्त कर रहे स्टाफ पर ही शक की सूई घूम रही है कि आखिरकार उन्होंने लूट की वारदात या कोशिश को सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर क्यों रिपोर्ट किया।
चेन पुलिंग हुई थी ट्रेन की
वीरवार रात्रि ट्रेन नंबर 13006 अमृतसर-हावड़ा मेल मध्य रात्रि जैसे ही सहारनपुर के लिए रवाना हुई तो कैंट एवं दुखेड़ी स्टेशन के मध्य ट्रेन की चेन किसी ने खींच दी थी। इसके बाद गश्त कर रहे जवानों के अनुसार ट्रेन में कुछ युवा थे जोकि यात्रियों से लूटपाट करना चाह रहे थे, मगर जवानों ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की तो वह भाग गए। इस दौरान युवाओं ने जवानों पर पत्थर मारे जिससे दो जवान घायल हो गए। सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर कांस्टेबल रणबीर व हरविंद्र को चोटें आई। मगर, आरपीएफ अधिकारियों ने जांच की तो लूट के आरोप बेबुनियाद पाए गए।
कोट्स
मामले की जानकारी मिलते ही जांच की गई, मगर यह मामला महज चेन पुलिंग का है। विभिन्न स्टेशनों पर यात्रियों से पूछताछ की गई, किसी ने भी लूट होने या लूट की कोशिश होने की कोई जानकारी नहीं दी। जो मामला था उसकी शिकायत कैंट जीआरपी थाने में देकर केस दर्ज कराया गया है।
-कमलजोत बराड़, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त, अंबाला रेल मंडल।
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किसी भी यात्री से लूटपाट नहीं हुई और न ही किसी यात्री को ट्रेन में कोई संदिग्ध मिला है। मामला केवल सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने और ट्रेन पर पथराव का है। इस आरोप के तहत केस दर्ज किया गया है। लूट जैसी कोई वारदात सामने नहीं आई है।
-रामबचन, एसएचओ, जीआरपी थाना, अंबाला कैंट।
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