करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी की फर्जी म्यूटेशन बनाने वाला निगम क्लर्क गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
प्राइम लोकेशन पर स्थित करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी की फर्जी म्यूटेशन तैयार करने के मामले में शनिवार को एसआईटी ने नगर निगम के रिटायर्ड क्लर्क घसीटा राम को गिरफ्तार किया है। आरोपी को अदालत में पेश किया गया जहां से उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। यही नहीं कुछ दिन पहले इसी मामले में अंबाला नगर परिषद सदर के पूर्व ईओ वीबी भारद्वाज को भी गिरफ्तार किया जा चुका है, हालांकि उसे बाद में जमानत मिल गई। मामला कैंट में प्राइम लोकेशन की करोड़ों मूल्य की प्रॉपर्टी से जुड़ा हुआ है। इस फर्जीवाड़े में अभी और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
इस तरह रचा गया खेल
बस स्टैंड के ठीक पास चार एकड़ में स्थित होटल डी-मेट्रो पोल एवं कैंट सदर बाजार में 3.75 एकड़ में स्थित जली मिल प्रॉपर्टी के फर्जी दस्तावेज तैयार करने के मामले की शिकायत प्रॉपर्टी मालिक राजिंद्र सिंह तायल द्वारा की गई थी। उनका आरोप था कि दिल्ली स्थित एक आईटी सोल्यूशन कंपनी के स्वयं को डायरेक्टर बताने वाले बलवंत राय, सत प्रकाश, सुरेंद्र मोहन ने मिलकर यह खेल रचा। इस मामले में पहले गठित नगर परिषद में फर्जी म्यूटेशन बनाने के लिए स्टाफ से संपर्क किया गया। साल 2008 में यह आवेदन किया गया था। इस मामले में तब नगर परिषद में कार्यरत रेंट क्लर्क घसीटा राम ने अह्म भूमिका निभाई और परिषद के तत्कालीन ईओ वीबी भारद्वाज ने भी फर्जी म्यूटेशन तैयार करने में भूमिका निभाई। दोनों ने मिलकर तीनों के नाम डी-मेट्रो पोल होटल एवं जली मिल प्रॉपर्टी की फर्जी म्यूटेशन तैयार कर दी। शिकायतकर्ता के भतीजे को इसकी भनक लगी तो मामले की शिकायत मंत्री अनिल विज से की गई थी। मंत्री विज के आदेशों पर डीसी ने एडीसी के नेतृत्व में जांच टीम का गठन किया था जिसमें एसडीएम, डीआरओ एवं निगम आयुक्त शामिल थे।
जांच टीम की रिपोर्ट के बाद ज्वाइंट कमिश्नर गगनदीप सिंह की शिकायत पर बीते वर्ष पूर्व ईओ वीबी भारद्वाज के अलावा क्लर्क घसीटाराम, अनन्या आईटी सोल्यूशन के डायरेक्टर बलवंत राय, सत प्रकाश और सुरेंद्र मोहन पर केस दर्ज किया था। जांच में यह साफ हुआ कि रिटायर्ड हो चुके ईओ और क्लर्क ने मिलीभगत से दोनों प्रॉपर्टी की फर्जी म्यूटेशन तैयार कर दी थी। इसके बाद डीसी ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कराने के आदेश दिए थे।
जांच में अन्य आरोपी भी आ सकते हैं पकड़ में
शिकायतकर्ता के भतीजे करण अग्रवाल ने बताया कि जिस आईटी कंपनी के नाम से आवेदन किया गया वह एक फर्जी कंपनी है जिसे इस फर्जीवाड़े के लिए खड़ा किया गया था। उनका आरोप था कि कंपनी के नामजद तीनों निदेशकों की मौत हो चुकी है, मगर अभी अन्य कंपनी पदाधिकारी भी है जोकि इस फर्जी खेल में शामिल हैं।
रिटायर्ड हो चुके हैं दोनों आरोपी
बता दें कि क्लर्क घसीटा राम और ईओ वीबी भारद्वाज इस समय रिटायर्ड हो चुके हैं। क्लर्क घसीटा राम रिटायरमेंट के बाद भी अनुबंध पर नगर निगम में बतौर क्लर्क कई वर्षों तक कार्यरत रहा, मगर बीते वर्ष ही उसे हटाया गया है।
फर्जी म्यूटेशन तैयार करने के मामले में शनिवार को क्लर्क घसीटा राम को गिरफ्तार किया गया है। उसे अदालत में पेश कर तीन दिन रिमांड पर लिया गया है। कुछ दिन पहले ही रिटायर्ड ईओ को भी गिरफ्तार किया गया था जिसे जमानत मिल चुकी है। पुलिस मामले में तफ्तीश कर रही है और यदि जांच में कोई और दोषी मिला तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी। -नितिका गहलोत, एएसपी, अंबाला।