‘70 ट्रक लगे हैं तो लिफ्टिंग में देरी क्याें हो रही है’
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी।
जिले की सबसे बड़ी मंडी में ‘व्यवस्थाएं छोटी’ पड़ने पर राज्यमंत्री कर्णदेव कंबोज अधिकारियों पर बिफर गए। शुक्रवार को सिटी अनाज मंडी में निरीक्षण करने पहुंचे राज्यमंत्री ने लिफ्टिंग कार्य की धीमी रफ्तार पर असंतुष्टि जताई, इससे पहले आढ़तियों के साथ-साथ किसानों ने लिफ्टिंग में देरी की समस्या रखी थी। जब राज्यमंत्री ने लिफ्टिंग में लगे वाहनों की जानकारी मांगी तो बताया गया कि 70 ट्रक मंडी में लिफ्टिंग के लिए लगाए गए हैं। यह सुनकर राज्यमंत्री बिफर गए और बोले ‘70 ट्रक लगे हैं तो लिफ्टिंग में फिर देरी क्यों हो रही है।’
इसके बाद राज्यमंत्री ने जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक निशांत राठी को निर्देश दिए कि वह आढ़ती एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ ट्रांसपोर्टर द्वारा अनुबंध में दिखाए गए 70 वाहनों की जांच करें और यदि वाहन कम पाए जाते हैं तो उसे ब्लैकलिस्ट किया जाए। उन्होंने आढ़तियों की मांग पर ट्रांसपोर्टर को आदेश दिए कि वह 48 घंटे में मंडी में जमा अनाज में से 50 प्रतिशत उठाना सुनिश्चित करें और ऐसा न करने पर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। इतना ही नहीं आढ़तियों और ट्रांसपोर्टरों द्वारा वेयर हाउस कॉर्पोरेशन कर्मचारी पर भ्रष्टाचार और अनावश्यक परेशान करने के आरोप भी मंत्री के समक्ष लगाए गए। मगर, मंत्री ने कहा कि यदि शपथ पत्र पर शिकायत की जाएगी तो इसके बाद कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। राज्यमंत्री ने किसानों से भी बातचीत की और उनकी समस्याओं को जाना। इस मौके पर विधायक असीम गोयल, एसडीएम सुभाष चंद्र सिहाग सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
किसानों को झेलनी पड़ी रही परेशानी
मंडी में मौजूद किसान नग्गल से किसान हरपाल सिंह, मल्लौर से गुरनाम, मलकीत, हरनेक और अन्य गांवों से आए किसानों का कहना था कि मंडी में गेहूं की सुरक्षा अहम मुद्दा है। उठान सही नहीं हो रहा जिस वजह से हुड्डा सेक्टरों में गेहूं की ढेरियां लगानी पड़ रही हैं। उन्होंने कहा इस बारे मार्केट कमेटी व अन्य अधिकारियों को भी अवगत कराया गया, मगर समस्या का हल नहीं हो रहा है। बता दें कि सीजन आरंभ होने से पहले प्रशासन ने दावा किया था कि इस बार लिफ्टिंग कार्य में 70 ट्रक लगाए गए है जोकि पहले से ज्यादा है और इस सीजन में लिफ्टिंग कार्य प्रभावित होने नहीं दिया जाएगा। मगर, प्रशासनिक दावों की यहां पूरी तरह से पोल खुल गई है।
इधर बादल छाए तो चिंता में घिरे किसान
वहीं शुक्रवार सुबह से ही आसमान में बादल होने के कारण किसान की परेशानी बढ़ गई। बीच में एक बार छींटे भी पड़े। विभिन्न मंडियों में किसान फसल को ढकते व सुखाते हुए नजर आए, जैसे ही शाम को हल्की बूंदाबांदी हुई तो किसानों की परेशानी और बढ़ गई और वह फसल को ढकने के लिए जुट गए लेकिन गनीमत रही की बारिश अधिक समय तक नहीं आई जिससे किसानों को थोड़ी राहत मिली।
मंत्री ने माना लिफ्टिंग हो रही प्रभावित
मंडी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राज्यमंत्री कर्ण देव कंबोज ने कहा कि इस वर्ष खराब मौसम के कारण गेहूं की फसल एकदम से पक गई है और एक सप्ताह में ही मंडी में अधिकतर गेहूं की आवक होने से लिफ्टिंग में समस्या आ रही है। इसके साथ उन्होंने कहा कि सरकार के पास अनाज के भंडारण के लिए पर्याप्त व्यवस्था है और इस वर्ष 120 लाख टन गेहूं के भंडारण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जो कि पूर्व सरकारों के कार्यकाल में खरीद कार्य में खामियां होने के कारण नहीं हो पाता था और किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए सड़कों पर जाम लगाने पड़ते थे।
शुक्रवार को 42720 क्विंटल फसल की खरीद
शुक्रवार को सिटी अनाज मंडी में 42720 क्विंटल फसल की खरीद की गई है। हैफेड एजेंसी की ओर से 23885 क्विंटल और डीएफएससी की ओर से 18835 क्विंटल खरीद की गई है। वहीं नारायणगढ़ में अभी तक दो लाख 10 क्विंटल फसल की आवक हुई है, जिसमें से अभी तक कुल 97500 क्विंटल फसल की ही लिफ्टिंग हो पाई है। किसानों ने बताया कि लिफ्टिंग के लिए जितने ट्रक लगाए गए थे उनमें से बहुत ही कम लिफ्टिंग के लिए लगे हैं, जिस कारण मंडी में यह कार्य इतनी धीमी गति से हो रहा है।
जगह कम होने के कारण थोड़ी समस्या आ रही है, अगर साथ वाली जगह भी मंडी को जल्द से जल्द जाती है, तो किसानों के साथ-साथ आढ़तियों को भी थोड़ी राहत मिलेगी। -दूनी चंद, प्रधान आढ़ती एसोसिएशन अंबाला सिटी।
खरीद कार्य में तेजी लाने के लिए दोनों एजेंसियां प्रतिदिन फसल की खरीदारी कर रही है ताकि किसानों द्वारा लाई जा रही फसल की खरीद की जल्द से जल्द खरीद हो और उन्हें परेशानी न झेलनी पड़े। -धर्मेंद्र पाल, सचिव, मार्केट कमेटी, अंबाला सिटी।
18 एकड़ फानों में लगी आग
मुलाना।
कांसापुर के खेतों में शुक्रवार सुबह खड़ी गेहूं फसल में आग लग गई। तेज हवा के कारण आग फैलती हुई खानअहमदपुर के किसानों के खेतों तक जा पंहुची। खेतों से गेहूं कट चुकी थी, लेकिन आग लगने के कारण लगभग 18 एकड़ जमीन में फाने जलकर राख हो गए। आग पर ग्रामीणों ने ही काबू पाया। यदि ग्रामीण ट्रैक्टर चलाकर आग पर काबू न पाते तो आगे किसानों के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल में आग लग सकती थी। आग के कारण खानअहमदपुर निवासी किसान सुखविंदर सिंह के दो एकड़, प्रीतपाल सिंह के चार एकड़, जगमीत सिंह के चार एकड़, संतोख सिंह निवासी कांसापुर के पांच एकड़ और कांसापुर पंचायत के तीन एकड़ में खड़े फाने जल गए।