किसानों के हितों के लिए विस चुनाव लड़ना पड़ा तो लड़ेंगे : चढूनी
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। किसानों की महापंचायत में पहुंचे भाकियू के प्रदेश प्रधान गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने मीडिया को बताया कि किसानों को फसल मरने के बाद में पता चलता है कि संबंधित विभाग के अधिकारियों ने कितने प्रतिशत खराबा लिखा है जबकि किसानों को इसकी जानकारी मौके पर ही देनी चाहिए। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मंडियों से सरकार भाग रही है। किसानों के हित के लिए यदि उन्हें चुनाव लड़ना पड़ा तो वह विस चुनाव के लिए मैदान में जरूर उतरेंगे।
उन्होंने कहा कि किसानों व आढ़तियों पर संकट आने वाला है क्योंकि केंद्र का प्लान आढ़तियों को मंडी से बाहर करने का बन रहा है। ऐसे मेें यदि आढ़ती ही नहीं रहेंगे तो किसानों की दुर्दशा होनी निश्चित है। वर्तमान में किसान मजदूर की वोट को बांटा जा रहा है। लोकतंत्र में वोट की कीमत है। वोट को सामने रखकर नीतियां बनाई जाती हैं।
जब पत्रकारों ने पूछा कि आपने किसान नेता होते हुए राजनीति पार्टी का गठन किया है। क्या मकसद है, तो इस पर उन्होंने कहा कि वह किसानों के हितों के लिए पिछले 27 सालों से काम कर रहा है। इसलिए उनका मदसद भी किसानों का हित है। इसके लिए यदि उन्हें चुनाव लड़ना पड़ा तो वह विस चुनाव के लिए मैदान में जरूर उतरेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन मुआवजे को लेकर उनसे झूठे आश्वासन दे रहा है। इसलिए अपने हक के लिए उनका आंदोलन जारी रहेगा।