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राजनेता के पुत्र की गिरफ्तारी न होने पर शव को स्ट्रेचर पर रख अस्पताल में दिया धरना, फिर नेशनल हाईवे किया जाम

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अमर उजाला ब्यूरो
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अंबाला कैंट (नारायणगढ़)। शिकारियों द्वारा शुक्रवार देर शाम गोलियां चलाने के कारण गांव वासलपुर निवासी इसरान की हत्या मामले में शनिवार शाम को लोगों का गुस्सा भड़क गया। हत्याकांड में तीसरे आरोपी राजनेता राम सिंह कोडवा के पुत्र हरनेक सिंह की गिरफ्तारी न होने पर शनिवार को मृतक के पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने शव को स्ट्रेचर पर रख पहले तो नागरिक अस्पताल परिसर में ही धरना दिया, बाद में उन्होंने हिसार-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर अग्रसेन चौक पर शव रख जाम लगा दिया। इससे सड़क पर ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि बाद में पुलिस ने रूट डायवर्ट करते हुए हालात को संभाल लिया। शव सहित धरने पर डटे ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन व सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी भी की। परिजनों की मांग थी कि तीसरे नामजद आरोपी हरनेक सिंह को तुरंत गिरफ्तार किया जाए या फिर पुलिस अधीक्षक स्वयं गिरफ्तारी का आश्वासन दें। एसडीएम व डीएसपी ने मौके पर पहुंचकर सोमवार तक आरोपी की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, तब जाकर लोगों ने करीब सवा घंटे बाद जाम खोला।
बता दें कि शुक्रवार देर शाम कथित शिकारियों द्वारा गोलियां चलाने के कारण उपमंडल के गांव वासलपुर निवासी इसरान पुत्र नवाब अली की मौत हो गई थी। गोलियां मृतक इसरान के पेट व टांगों पर लगी थी। इस संदर्भ में शहजादपुर पुलिस ने बशीर अहमद पुत्र रमजान वासी वासलपुर की शिकायत पर चरणजीत निवासी लानड्रा (मोहाली) व इकबाल सिंह निवासी पटियाला तथा हरनेक सिंह पुत्र राम सिंह निवासी कोडवा के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 307, 34 तथा आर्म्स एक्ट 25/54/59 के तहत मामला दर्ज करते हुए दो आरोपियों चरणजीत सिंह, इकबाल सिंह को तो गिरफ्तार कर लिया लेकिन तीसरा नामजद आरोपी हरनेक सिंह पुलिस गिरफ्त से बाहर है, जिसकी गिरफ्तारी को लेकर मृतक के परिजनों ने शनिवार शाम 4 बजे के करीब जाम लगा दिया। मृतक के परिजन मौके पर पुलिस अधीक्षक को बुलाने की मांग करते रहे। घंटे भर बाद एसडीएम नारायणगढ़ अदिति भी मौके पर पहुंची, जिसके बाद डीएसपी अमित भाटिया के बातचीत के प्रयास रंग लाए व दोनों अधिकारियों के सोमवार तक तीसरे आरोपी हरनेक सिंह की गिरफ्तारी के आश्वासन पर परिजनों ने जाम खोल दिया। डीएसपी ने परिजनों को को यह भी विश्वास दिलवाया कि सोमवार को एसपी नारायणगढ़ में आएंगी व उनकी बातचीत को भी सुना जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस की कई टीमें बनाई गई हैं, जो छापेमारी कर रही है। हो सकता है हम रविवार तक तीसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लें। उन्होंने बताया कि कारतूस .30 एमएम का मिला है, जोकि फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। वहीं बंदूक के लाइसेंस के जवाब में कहा कि जांच की जा रही है।
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तीन बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं कोडवा
बताते चलें कि इस दुखद घटनाक्रम में गिरफ्तार दो आरोपियों के अलावा जो तीसरा नामजद आरोपी हरनेक सिंह है, वो कोडवा कला गांव का निवासी है और राम सिंह कोडवा का पुत्र है। राम सिंह दो बार इनेलो और वर्ष 2014 में बसपा से नारायणगढ़ विधानसभा से चुनाव लड़ चुके हैं। अभी हाल ही में उन्होंने दुष्यंत चौटाला का हाथ थामा है।
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पाबंदी के बाद भी शिकारियों का अड्डा बना नारायणगढ़
किसान नेता मदन पाल राणा का कहना है कि जंगली जानवरों के शिकार पर पूर्ण रूप से पाबंदी होने के बावजूद भी दूर-दूर से इस क्षेत्र में शिकार खेलने के लिए शिकारी आते हैं। इस बात से पुलिस व वन विभाग पर भी प्रश्न चिह्न लग रहे हैं। इस क्षेत्र में काफी समय से लोग इन शिकारियों की गोलियों का शिकार हो रहे हैं।
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डेढ़ माह पूर्व भी दो महिलाएं हुई थी घायल
कई घटनाएं इन शिकारियों की वजह से क्षेत्र में हो चुकी है। अभी करीब डेढ़ माह पहले भी शिकारियों की गोलियों से बरौली गांव की दो महिलाएं घायल हुई थीं। दो साल पहले भी गांव लखनोरा में गन्ना काट रहा एक प्रवासी मजदूर भी शिकारियों की गोलियों से घायल हुआ था। कई वर्ष पूर्व ही फतेहपुर 126 में एक युवक इन शिकारियों की गोलियों से घायल हुआ था।
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पेड़ों पर मचान लगाकर करते हैं शिकार
अमर उजाला संवाददाता ने जंगल में जाकर पड़ताल की तो पता चला कि शिकारी पेड़ों पर मचान लगाकर जानवरों का शिकार करते हैं। रात में जानवरों द्वारा हमले के डर के कारण उन्होंने पेड़ों पर मचान लगा रखा है। उसी पर बैठकर वे अपने मंसूबे में कामयाब होते हैं।
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