अमर उजाला ब्यूरो
टीम अंबाला। सिस्टम को जब लापरवाही की आदत पड़ जाती है तो वो लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने लगता है। कुछ ऐसा ही सोमवार को अंबाला जैसे संवेदनशील शहर में देखने को मिला। सुरक्षा व्यवस्था को जांचने के लिए अमर उजाला की अलग-अलग ग्रुपों में बंटी टीम द्वारा प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, एसपी ऑफिस, सिविल अस्पताल सिटी और अग्रसेन चौक पर अखबार से भरा हुआ बैग लावारिस स्थिति में रखा गया। इस दौरान पुलिसकर्मी व पुलिस की गाड़ी भी वहीं से गुजरी, लेकिन किसी ने सुध नहीं लिया। इस दौरान संवाददाताओं को किसी ने न रोका और न ही किसी ने टोका। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या जिलेवासी सुरक्षित हैं। क्या अंबाला से गुजरने वाले यात्री सुरक्षित हैं। जहां पुलिस व प्रशासन बड़े-बड़े दावे कर रहा है कि सुरक्षा का प्रबंध चाकचौबंद है, लेकिन इस स्टिंग आपरेशन के बाद उनकी पोल खुल गई है।
पुलिसवाला मोबाइल में खेलने में व्यस्त, कुत्तों के बीच बैग
स्थान : रेलवे स्टेशन
समय : सुबह 10 से 11 बजे
सुबह दस बजे जब संवाददाता बैग के साथ अंदर गए तो मेटल डिटेक्टर नहीं होने के कारण आसानी से प्लेटफार्म नंबर 1 पर चले गए। भीड़ के बीच बेंच के साथ लगते कोने में बैग को रख दिया जिसके बगल में एक पुलिसकर्मी काफी देर तक बैठा रहा। वह लोगों से बात करता और मोबाइल चलाता रहा। बैग के आसपास कुत्ते घूम रहे थे, लेकिन वहां से गुजर रहे पुलिसकर्मी भी कोई सुध नहीं ले रहे थे। हालांकि कुछ देर बाद पुलिसकर्मी उठा और वहां सो रहे लोगों को उठाकर भगाया, लेकिन बैग के पास से कई गुजरने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की। करीब 10.30 बजे पूरा बेंच खाली था और बैग के पास सिर्फ कुत्ते ही बैठे थे। इस तरह एक घंटा तक वहां बैग पड़ा रहा।
अंबाला कैंट बस स्टैंड
समय : सुबह 10 से 11 बजे तक
बस स्टैंड पर सजगता फेल
सुबह दस बजकर दो मिनट पर अंबाला कैंट बस स्टैंड के बेंच पर एक बैग को रखा गया। इस दौरान कई लोग इस बेंच पर बैठे और अपनी बस आने के बाद चले गए। होमगार्ड का एक जवान करीब चार बार इस बैग के पास से गुजरा लेकिन कोई सुध नहीं ली। उसने इसी बेंच (जिस पर बैग रखा था) पर बैठे एक यात्री को लेटने से मना किया और चला गया। कई रोडवेज कर्मचारी भी इस बेंच के आसपास से चक्कर लगाते रहे, लेकिन किसी ने भी इस बैग के बारे में आसपास पूछने की जहमत नहीं उठाई। बाद में इस बैग को अमर उजाला टीम ने उठाया और सीधे बस अड्डा इंचार्ज के कार्यालय में पहुंचे। यहां पर बस अड्डा इंचार्ज रामरतन को इस स्टिंग के बारे में बताया तो उन्होंने कहा कि बस स्टैंड पर सुरक्षा को लेकर पुलिस तैनात नहीं है। एकमात्र होमगार्ड जवान ही तैनात है। अभी तक पुलिस भी गश्त करने नहीं आई है। सीसीटीवी कैमरों के जरिये नजर रखने की कोशिश की जा रही है। बीच में मैं खुद उठकर चक्कर लगाता हूं।
पुलिस की गाड़ियां निकलीं, पर बैग किसी ने नहीं उठाया
सिटी अग्रसेन चौक
समय : सुबह 10:40 से 11 बजे
शहर अग्रसेन चौक पर बने फुटपाथ पर सुबह 10:43 बजे बैग रखा गया। फुटपाथ के बिल्कुल सामने सीसीटीवी भी लगा है। इस दौरान वहां से दो पुलिस की गाड़ियां और एक कैदियों वाली गाड़ी व तीन पुलिसकर्मी बाइक पर निकले, लेकिन किसी ने भी बैग को उठाने की जहमत नहीं समझी। इसके बाद 10:57 बजे एक राहगीर ने फुटपाथ के दूसरी ओर चालान काटने में मस्त पुलिस को सूचना दी और एक होमगार्ड जसवंत सिंह उसके साथ आया और फिर बैग उठाने लगा। ऐसे में सवाल उठता है कि पुलिसकर्मी क्या कर रहे थे।
दो जगहों पर रखा गया बैग, पर नहीं दिखी सुरक्षा
स्थान : शहर नागरिक अस्पताल
समय : सुबह 10:15 से 12 बजे
शहर के नागरिक अस्पताल में पीएमओ कार्यालय के बाहर 11:15 बजे संवाददाता ने बैग कुर्सी पर रख दिया। इसके बाद वहां से हट गए। 11:30 तक बैग वहीं पड़ा रहा, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। हालांकि इस दौरान सिविल अस्पताल में कार्यरत कर्मचारी भी 11:26 बजे वहां से निकले, लेकिन किसी ने भी यह पूछना उचित नहीं समझा कि यह बैग किसका है। इसके बाद 11:34 पर यह बैग ओपीडी के बाहर दवा लेने के लिए जहां लोगों की लाइन लगती है, वहां बनी सीट पर रख दिया गया। इसके बाद भी काफी देर तक यह बैग वहीं पड़ा रहा। एक जीआरपी कर्मी भी वहां से गुजरा, लेकिन उसका भी इस ओर ध्यान नहीं गया। इसके बाद 12:40 मिनट पर बैग को वहां से उठा लिया गया।
पुलिस के घर में ही नहीं कोई रखवाला
स्थान : एसपी कार्यालय परिसर
समय : दोपहर 12.20 से 1 बजे
दोपहर 12.21 बजे संवाददाता एसपी कार्यालय पहुंचे। वहां सामने लोगों के विश्राम स्थल पर बनी सीटों पर बैग रख दिया गया। इसके बाद वहां से दूर चले गए। स्थल पर काफी लोग मौजूद थे, साथ ही पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। इस दौरान वहां से भी कई पुलिसकर्मी निकले, लेकिन किसी ने भी वहां मौजूद किसी भी बैग का चेक करने की जहमत नहीं उठाई। इसके बाद 1 बजे यह बैग वहां से उठा लिया गया।
संवेदनशील है अंबाला
- अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी करीब एक दर्जन बार मिल चुकी है
- कैंट रेलवे स्टेशन की कार पार्किंग से आरडीएक्स बरामद हो चुका है
- अंबाला सिटी में चौकी नंबर चार के बाहर करीब छह साल पहले विस्फोट हुआ था
- करीब पांच साल पहले अंबाला कैंट बस स्टैंड पर विस्फोटक की सूचना पर बस स्टैंड को खंगाला गया था
इसलिए है अंबाला महत्वपूर्ण
- आर्मी व एयरफोर्स का बड़ा बेस अंबाला कैंट में है
- कैंट रेलवे स्टेशन से रोजाना करीब ढाई सौ ट्रेनों की आवाजाही होती है
- उत्तर भारत के मुख्य शहरों के लिए कैंट बस स्टैंड से रोजाना लगभग साढ़े तीन सौ बसों की आवाजाही होती है
- पूरे उत्तर भारत को पेट्रोल, डीजल व हवाई जहाज का ईंधन अंबाला के आईओसी से सप्लाई किया जाता है