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200 लोग ले रहे थे दोहरी पेंशन, अब परिवार पहचान ने 150 की भी बढ़ाई टेंशन

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अंबाला सिटी। जिले में दोहरी बुढ़ापा पेंशन लेने वालों पर अब जिला समाज कल्याण विभाग ने अपनी निगाहें गड़ा ली हैं। ऐसे लोगों पर अब विभाग ने न केवल शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, बल्कि पिछले करीब चार माह में दोहरी पेंशन लेने वाले (सेवानिवृत्त सैनिक और उनकी पत्नी) 200 डिफाल्टरों से विभाग ने एक करोड़ 85 लाख 46 हजार 571 रुपये की रिकवरी भी कर ली है। इन सभी से 12 प्रतिशत ब्याज सहित यह रिकवरी की गई है। यह सब कुछ संभव हो पाया परिवार पहचान पत्र के जरिए।
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इतना ही नहीं अब इसी परिवार पहचान पत्र के जरिए विभाग ने 150 के करीब अन्य लोगों को नोटिस जारी कर दिए हैं। इन सभी पर एक करोड़ के करीब देनदारी बनती है। इस रिकवरी प्रक्रिया में अधिकतर पूर्व सैनिक एवं कई सरकारी विभाग के कर्मचारी शामिल हैं। जिनका एक सदस्य सरकारी पेंशन ले रहा है तो दूसरा बुढ़ापा पेंशन का लाभ उठा रहा हैं। ज्यादातर केस नारायणगढ़ हलके के हैं, लेकिन इसके अलावा बराड़ा, मुलाना और अंबाला शहर और छावनी से भी कुछ केस सामने आए हैं।
किस माह में कितनी हुई रिकवरी
- अक्तूबर माह में 9 लाख 47 हजार 826 रुपये
- नवंबर माह में 72 लाख 30 हजार 459 रुपये
- दिसंबर माह में 60 लाख 74 हजार 867 रुपये
- जनवरी माह में 42 लाख 93 हजार 419 रुपये
खुद पकड़े गए तो दूसरों का भी ले दिया नाम
77 हजार 195 बुजुर्ग जिले में बुढ़ापा पेंशन ले रहे हैं। इन सभी का परिवार पहचान पत्र बनवाने के लिए जिला समाज कल्याण विभाग सर्वे करवा रहा है। इसके लिए सक्षम युवाओं की ड्यूटी लगाई गई है। सर्वे के दौरान परिवार से उनकी आय और आय के स्रोत के बारे में भी पूछा जाता है। जब वह सारी जानकारी पोर्टल पर चढ़ाते हैं तो अपने आप ही गलती पकड़ में आ रही है। वहीं, दूसरी ओर जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं वह दूसरों के नाम भी उगल रहे हैं कि फलां व्यक्ति भी तो ले रहा है उस पर कार्रवाई क्यों नहीं करते। इस तरह एक के बाद एक नए मामले सामने आ रहे हैं।
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कौन नहीं ले सकते बुढ़ापा पेंशन
अधिकारी के अनुसार 60 वर्ष के अधिक उम्र वाले पति और पत्नी दोनों की विभिन्न स्रोत से होने वाली आय अगर प्रतिवर्ष दो लाख रुपये है तो वह पेंशन का लाभ नहीं उठा सकते हैं। इसके अलावा अगर उक्त व्यक्ति को सरकारी और अन्य संस्थान से पेंशन का लाभ मिल रहा है और यदि वो 2 लाख रुपये या इससे अधिक है तो वह और उसकी पत्नी भी सामाजिक कल्याण विभाग से पेंशन का लाभ नहीं ले सकती।
रिकवरी का नोटिस देने के बाद 21 बुजुर्गों ने डाला हाईकोर्ट में केस
दोहरी पेंशन लेने वाले जिले के 21 बुजुर्गों को जब विभाग की ओर रिकवरी का नोटिस भेजा गया तो उन्होंने कोर्ट में केस कर दिया। केस में अधिकतर पूर्व सैनिक हैं, जिन्होंने कहा कि सरकार ने 2016 में सातवां पे-कमीशन लागू किया था। इसके बाद उनकी पेंशन बढ़ गई और वार्षिक पेंशन 2 लाख रुपये से अधिक हो गई, लेकिन विभाग ने यह जानकारी नहीं दी कि 2 लाख से अधिक पेंशन होने पर सामाजिक कल्याण विभाग से पेंशन नहीं लेनी है। अगर यह जानकारी उस समय दी गई होती तो वह उसी समय पेंशन को वापस ले लेते। अब एक दम से इतने रुपये जमा करवाना उनके लिए भी मुश्किल है।
हमारी ओर से जागरूक करने का काम किया जा रहा है कि जो भी दो पेंशन ले रहे हैं वह स्वयं ही विभाग में आकर ब्याज समेत रुपये लौटा दें। जो भी पकड़ में आ रहा है उसे रिकवरी के नोटिस भेज रहे हैं। नोटिस के बाद भी जो रुपये नहीं लौटाएंगे उनके खिलाफ विभाग एफआईआर भी दर्ज करवाएगा। 2016 के बाद कोई भी पेंशन कर्मी ऐसा नहीं जिसकी सालाना आय दो लाख से कम हो। इन लोगों ने अपने फार्म में ये उल्लेख नहीं किया कि वह सेवानिवृत्त हैं या उनके पति सेवानिवृत्त हैं। इसी कारण ये पेंशन का लाभ ले गए।
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- विनोद, जिला समाज कल्याण अधिकारी, अंबाला।
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