दशकों नौकरी करें तो पेंशन नहीं, एक दिन एमएलए बने तो पेंशन क्यों?
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। पेंशन बहाली संघर्ष समिति हरियाणा की जिला इकाई की बैठक में प्रधान रमेश कुमार व उपप्रधान सतबीर सिंह ने कहा कि दशकों नौकरी करने के बाद भी सरकारी कर्मचारियों को पेंशन नहीं देना, जबकि एक दिन एमएलए अथवा एमपी बनने पर पेंशन लगाने की दोहरी नीति गलत है। वे वीरवार को साहा बिजली बोर्ड में बराड़ा प्रधान राजकुमार कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में बोल रहे थे। बैठक में हरियाणा विभाग के सभी एनपीएस पीड़ित कर्मचारियों ने भाग लिया।
सतबीर सिंह ने कहा कि पेंशन बहाली संघर्ष समिति 7 अक्तूबर को राज्य स्तरीय पेंशन अधिकार रैली करनाल के सेक्टर-12 में कर रही है। रमेश कुमार ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों की 2006 से पुरानी पेंशन बंद कर दी गई थी। इसके स्थान पर कर्मचारियों के लिए एनपीएस नाम की स्कीम लागू की जोकि कर्मचारियों के साथ एक धोखा है। इसके अंतर्गत आने वाले कर्मचारी रिटायर होने शुरू हो गए हैं, जबकि इसके दुष्परिणाम भी आने शुरू हो गए हैं। इसके अंतर्गत रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन देख कर पता चलता है कि उन्हें इतनी पेंशन भी नहीं मिल रही जितनी वृद्धावस्था पेंशन मिलती है जोकि सीधा-सीधा कर्मचारियों का शोषण है। इस अवसर जिला संयोजक विजय कुमार, साहा से संयोजक दलबीर सिंह, जिला कार्यकारिणी के मुख्य सलाहकार तिलकराज, जिला आईटी सैल मनीष गुप्ता, बलराम झाखड़, श्याम सुंदर, आनंद कंवर, कोषाध्यक्ष सुभाष चंद, संदीप, जेई संजीव गुप्ता, अमित गुलाटी, रविंद्र, पवन कुमार, नरेंद्र नाथ, राजबीर सिंह, कर्मचंद, टेक चंद, हरजीत सिंह, गुरमान, प्रवीण कुमार आदि मौजूद रहे।