अंबाला कैंट। मॉनसून सिर पर है और नालों से बाउंड्री वॉल गायब है। यदि बाढ़ जैसी स्थिति बनी और चूक हुई तो सीधे जान पर बन सकती है। कई प्वाइंट्स पर तो नालों पर बनी पुलिया से बाउंड्री वॉल नहीं हैं तो कहीं पर यह बनाई ही नहीं गई। यह स्थिति कई सालों से है, लेकिन इस ओर ध्यान तक नहीं दिया गया है। यह वे प्वाइंट्स हैं जो कभी बरसाती सीजन में हादसे का कारण बन सकते हैं।
अंबाला कैंट की तिब्बत कालोनी के करीब तीन सौ लोगों पर खतरा मंडरा रहा है। इस क्षेत्र से गुजरने वाले गड़गुड़िया नाले की बाउंड्री वॉल ही नहीं है। स्थानीय लोगों की मानें तो बीते कुछ सालों में तीन बच्चे इस नाले में डूब चुके हैं। बताया जाता है कि यहां पर पहले बाउंड्री वॉल थी, लेकिन यह टूट चुकी है और सालों गुजर गए इस ओर किसी ने ध्यान तक नहीं दिया। कुछ ऐसे ही हालात कैंट बस स्टैंड के बाहर से गुजरने वाले नाले के हैं। यहां पर बाउंड्री वॉल थी, लेकिन अब यह टूट चुकी है। बरसाती दिनों में यह नाला फुल हो जाता है, जबकि इस नाले में भी पहले कईं लोग गिर चुके हैं।
इसी तरह सेवा समिति चौक ग्वाल मंडी के पास बना नाला भी पूरी तरह से खुला है, जबकि इसकी बाउंड्री वॉल नहीं है। इसके अलावा कबाड़ी बाजार में नाले पर पुलिया तो बनी है, लेकिन एक साइड से यह आधे से अधिक गायब है। इसी तरह पल्लेदार मोहल्ला से गुजर रहे नाले की पुलिया पर भी एक साइड से बाउंड्री वॉल नहीं है, जबकि बारह क्रास रोड से हाथीखाना मंदिर जाने वाले रास्ते पर बने नाले पर बाउंड्री वॉल नहीं है। इसी प्रकार नन्हेड़ा से गुजर रहे नाले की बाउंड्री वॉल नहीं है, जबकि यहां पर भी बरसाती दिनों में नाला पानी से भर जाता है और हादसे का खतरा बना रहता है।
गुड़गुड़िया नाले पर बाउंड्री वॉल की योजना है। अन्य नालों पर यदि यह बना दी तो सफाई में दिक्कत आ सकती है। यदि कहीं आवश्यकता है तो इसे चेक करवाकर पूरा किया जाएगा।
- सत्येंद्र सिवाच, ज्वाइंट कमिश्नर, नगर निगम अंबाला