बाल सुधार गृह से भागे बाल बंदी ने किया आत्मसमर्पण
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी।
बाल सुधार गृह से रविवार को भागे नौ बाल बंदियों में से एक ने वीरवार को सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वाले बाल बंदी के अधिवक्ता के अनुसार उनके मुव्वकिल की गर्दन पर तेजधार हथियार रखकर उसे भागने पर मजबूर किया गया था और उसे पानीपत जाकर छोड़ दिया।
अधिवक्ता देवेंद्र शर्मा ने बताया कि उनका मुव्विकल बाल सुधार गृह से भागना नहीं चाहता था। शनिवार रात जब वह बाल सुधार गृह में सो रहा था तो अचानक शोर होने के कारण उसकी नींद खुल गई। जब वह बाथरूम की तरफ गया तो वहां उसे बाहर की तरफ कई बाल बंदियों ने पकड़ लिया और अपने साथ चलने को मजबूर किया। शर्मा के अनुसार जब नाबालिग ने अन्य के इस कार्य का विरोध किया तो उसकी गर्दन पर तेजधार हथियारनुमा चीज रख दी गई और उसे उन लोगों के साथ जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस दौरान उसने शोर भी किया लेकिन गहरी नींद में सो रहे किसी भी कर्मचारी व अन्य बाल बंदियों ने उसकी आवाज नहीं सुनी। अधिवक्ता ने कहा कि उनके मुव्वकिल के अनुसार बाल सुधार गृह से निकल कर वे सब अग्रसेन चौक पहुंचे जहां से थ्रीव्हीलर में बैठकर अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पहुंचे और पैसे न होने की सूरत में पानीपत जाने वाले ट्रेन में बिना टिकट ही सवार हो गए। पानीपत पहुंचते ही अन्य बाल बंदियों ने उसे छोड़ दिया। उसके पास भी पैसे न होने के कारण वह भूखा, प्यासा पैदल ही अंबाला की तरफ चल पड़ा। वह वीरवार को ही अंबाला पहुंचा और कोर्ट में पेश हो गया।
एक बाल बंदी ने वीरवार को सरेंडर कर दिया है। इसके साथ ही अब तक कुल चार बाल बंदी संरक्षण में ले लिए गए हैं। अन्य पांच की भी तलाश जारी है। जल्द ही उन्हें भी संरक्षण में ले लिया जाएगा। -अभिषेक जोरवाल, एसपी अंबाला।
तीन बाल बंदी पुलिस द्वारा पहले ही संरक्षण में ले लिए गए हैं। वीरवार को एक और बाल बंदी ने स्वयं ही सरेंडर कर दिया है।
-अमित जैन, सदस्य, जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड