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माल रोड बंद करने पर सेना आमदा, आज स्पेशल मीटिंग में हंगामे के आसार

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फोटो नंबर : 3 व 4 (नोट: 27 दिसंबर के अंक में चार नंबर पेज पर प्रकाशित लीड समाचार का भी ईपीएस लगा लें)
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माल रोड बंद करने पर सेना आमादा, आज स्पेशल मीटिंग में हंगामे के आसार
- शनिवार देर शाम को कैंटोनमेंट बोर्ड के पार्षदों को मिला स्पेशल मीटिंग का एजेंडा
- कोर हेडक्वार्टर एवं आसपास क्षेत्र में बंद करने पर होगी मीटिंग में चर्चा
- पहले ही बोर्ड के पार्षद रोड बंद करने के मुद्दे पर जता चुके हैं विरोध
- रक्षामंत्री ने रोड बंद करने के लिए तय की थी गाइड लाइन, उन पर कितना होगा अमल
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अंबाला स्थित थल सेना की प्रमुख स्ट्राइक खड्ग कोर हेडक्वार्टर माल रोड को बंद करना चाहती है। कोर हेडक्वार्टर के समक्ष माल रोड के हिस्से को सुरक्षा कारणों से पूर्व की तरह सामान्य वाहन चालकों के लिए बंद करने की योजना है। इसी को लेकर कैंटोनमेंट बोर्ड की स्पेशल मीटिंग सोमवार को बुलाई गई है जिसमें केवल इसी मुद्दे पर चर्चा होगी। स्पेशल मीटिंग का एजेंडा शनिवार देर शाम बोर्ड पार्षदों को मिला है जोकि अभी से मुद्दे पर को लेकर विरोध जता रहे हैं। जाहिर है बोर्ड मीटिंग में इस मुद्दे पर सेना और निर्वाचित पार्षदों में बहस हो सकती है। हालांकि पूर्व में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन ने सेना क्षेत्र में किसी भी रोड को बंद करने के लिए कैंटोनमेंट बोर्ड एक्ट के तहत कार्रवाई करने को कहा था, मगर यह प्रक्रिया लंबी है जिस पर फिलहाल अभी अमल नहीं किया जा रहा है।
गाइड लाइन का अनुसरण किया जाए
बोर्ड सदस्यों का कहना है कि रोड सिविलियन के लिए क्यों बंद की जाए जबकि पूर्व में भी यह रोड उनके लिए खुली थी। यदि रोड को बंद भी कराना है तो रक्षा मंत्री द्वारा जारी की गई गाइड लाइन का पूरी तरह से अनुसरण किया जाए। इस मामले पर सेना व बोर्ड सदस्यों में तकरार निश्चित तौर पर बढ़ेगी।
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दो सप्ताह में दूसरी बैठक
इससे पहले बीती 26 दिसंबर को बोर्ड की अंतिम बैठक हुई थी जिसमें माल रोड बंद करने का एजेंडा रखा गया था, मगर बोर्ड उपाध्यक्ष ने तब भी विरोध जताया था और मामले को लेकर समय मांगा था। मगर सेना तुरंत माल रोड को बंद करने पर आमादा है जिस वजह से रोड पर अभी से कुछ स्थानों पर बेरीकेट्स भी लगा दिए गए हैं। यही वजह है कि महज दो सप्ताह के भीतर स्पेशल एजेंडा जारी कर बैठक तय की गई है।
रक्षामंत्री ने बीते वर्ष खुलवाईं थीं देशभर में सड़कें
सेना द्वारा सुरक्षा का हवाला देते हुए देशभर में स्थित सैन्य क्षेत्रों की कई प्रमुख एवं लिंक सड़कों को बंद किया गया था। अंबाला सैन्य क्षेत्र में माल रोड के अलावा कई अन्य संपर्क मार्ग भी बंद थे। रक्षामंत्री ने जुलाई में सड़कें खोलने के आदेश जारी किए थे जिसके बाद माल रोड सामान्य जनता एवं वाहन चालकों के लिए खोल दी गई थी। इससे पहले सुबह एवं शाम को सैर करने वाले लोगों के लिए माल रोड को बंद किया जा रहा था जबकि कोर हेडक्वार्टर के समक्ष रोड बिल्कुल बंद थी।
रोड बंद करने के लिए यह गाइडलाइन
रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी गाइड लाइन के अनुसार सेना क्षेत्र में किसी भी रोड को बंद करने के लिए सेना को पहले कैंटोनमेंट बोर्ड में प्रस्ताव लाना होगा। इस प्रस्ताव को अखबारों में प्रकाशित कर लोगों की आपत्तियां एवं दावे दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद बोर्ड के सदन की मंजूरी पर ही रोड बंद की जा सकेगी। बता दें कि खड्ग कोर हेडक्वार्टर के पास स्थित किचनार रोड को भी सेना बीते वर्ष बंद करना चाहती थी जिसको लेकर पार्षदों ने विरोध जताया था। इसके अलावा डिफेंस कॉलोनी रोड पर बैरियर बनाने का प्रयास भी सेना द्वारा किया गया था जोकि लोगों के विरोध के बाद रोकना पड़ा था।
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रोड बंद होने से जनता को होंगी परेशानियां, विरोध जताएंगे : बवेजा
स्पेशल मीटिंग का एजेंडा शनिवार देर शाम ही मिला है और सोमवार को मीटिंग बुलाई गई है। माल रोड बंद होने से जनता को परेशानियां झेलनी पड़ेंगी। खासकर तोपखाना, तोपखाना परेड, डिफेंस कॉलोनी आदि क्षेत्रों के निवासियों के लिए दिक्कत बढ़ेगी। इस पर विरोध जताया जाएगा ताकि लोगों को दिक्कत न हो सके।
-अजय बवेजा, उपाध्यक्ष, कैंटोनमेंट बोर्ड, अंबाला।
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