अंबाला कैंट। अग्रवाल धर्मशाला व प्रापर्टी मालिक के बीच ‘अग्रसेन द्वार’ को लेकर चल रहे विवाद ने मंगलवार देर शाम हंगामे का रूप ले लिया। जैसे ही अग्रवाल धर्मशाला के सदस्य जेसीबी की मदद से बोर्ड लगवाने के लिए अग्रवाल धर्मशाला पर पहुंचे तो गेट के पास बनी प्रापर्टी के मालिक ने हंगामा खड़ा कर दिया। गेट के विरोध में जहां प्रापर्टी मालिक ने पोल लगाने की जगह पर बैठकर निर्माण कार्य को रुकवाकर रखा, वहीं अग्रवाल धर्मशाला के सदस्यों सड़क पर आए थे।
सूचना पाकर इलाका पुलिस मौके पर पहुंची और करीबन ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद अग्रेसन द्वार का पोल लगाकर मामले को शांत करवाया। हंगामे के दौरान दोनों पक्षों के बीच नौबत हाथापाई तक पहुंची गई थी और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जमकर आरोप लगाएं। अग्रवाल सभा के अध्यक्ष अशोक गोयल के साथ पार्षद परविंद्र सिंह परी व अन्य ने प्रापर्टी मालिक संदीप अग्रवाल व अन्य का विरोध जताया। उनका कहना था कि नियमों के अनुरूप ही अग्रसेन द्वार का निर्माण यहां पर किया जा रहा है। द्वार का निर्माण प्रापर्टी मालिक की जमीन पर नहीं किया जा रहा और इसके लिए बाकायदा नगर निगम से अनुमति भी ली गई है। सभा सदस्यों ने कहा कि प्रापर्टी मालिक संदीप अग्रवाल को इस मामले में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए क्योंकि वह स्वयं अग्रवाल समाज से है और समाज हित के कार्यों का विरोध नहीं जताना चाहिए। दूसरी ओर संदीप व उनके परिवार सदस्य द्वार निर्माण के विरोध में डटे रहे। संदीप के पिता तो निर्माण स्थल पर कुर्सी पर बैठकर निर्माण कार्य का विरोध जताने लगे। इस दौरान दोनों पक्षों में बहस हुई। समर्थन में उतरी अग्रवाल समाज की महिलाएं भी धरने पर बैठने लगी मगर इसी बीच मौके पर सदर पुलिस के अलावा नगर निगम के कर्मी भी पहुंच गए। पुलिस ने दोनों पक्षों में थाने में बुलाया मगर दोनों पक्ष थाने में जाने से इंकार करते रहे। संदीप का उनका आरोप था कि इस मामले की शिकायत उन्होंने सीएम विंडो में दी है और अदालत में भी मामला विचाराधीन है। आगामी 27 जुलाई को कोर्ट में सुनवाई है और सुनवाई से पहले ही यह अवैध निर्माण अग्रवाल सभा के सदस्य करना चाह रहे है। संदीप ने यह भी कहा कि उनके घर के सामने द्वार बनाया जा रहा है और यदि वह घर का रास्ता यहां निकालते हैं तो आने-जाने में उन्हें परेशानी होगी। उधर संदीप के पिता की तबीयत एकाएक बिगड़ गई जिसके बाद उन्हें वहां से ले जाया गया। उनके जाते ही सभा सदस्यों ने रात को ही निर्माण कार्य आरंभ करा दिया। दूसरी ओर संदीप अग्रवाल ने कहा कि इस पूरे मामले की जानकारी वह सुनवाई के दौरान अदालत में देंगे।