अंबाला सिटी। ऐसा बहुत कम ही देखने को मिला है, जब नगर निगम की बजट और हाउस की साधारण बैठक चंद मिनट में ही खत्म हो जाए। मंगलवार को शहर किंगफिशर में नगर निगम की बजट और हाउस बैठक चंद मिनट में ही खत्म हो गई। साधारण बैठक में 14 एजेंडे रखे गए। जिन पर चर्चा नहीं हुई और उन्हें सर्वसम्मति से पास कर दिया गया।
जिसके चलते बैठक कुछ मिनटों में ही निपट गई। इस दौरान कांग्रेस से पार्षद मिथुन वर्मा चर्चा की मांग करते रहे लेकिन बैठक को खत्म कर दिया गया। बैठक खत्म होते ही मेयर उठकर निकल गई। इस दौरान कांग्रेस पार्षद मिथुन वर्मा और पार्षद राजिंद्र कौर अपनी बात रखने के लिए बोलते रहे लेकिन उनको बात रखने का मौका ही नहीं मिला।
वहीं, इससे पूर्व बजट बैठक में करीब 181 करोड़ का बजट भी पास किया गया। साथ ही साधारण बैठक में पार्षद मोनिका मल को पार्षद राजिंद्र कौर की जगह वित्त एवं अनुबंध समिति की सदस्य बनाया गया।
कांग्रेस का काम कमियां निकालना है : मेयर
मेयर शैलजा सचदेवा ने एजेंडा को स्वीकार किया व बैठक को खत्म कर दिया। मेयर शैलजा सचदेवा ने कहा कि सर्वसम्मति से एजेंडे पास हो गए हैं, इसलिए चर्चा की कोई जरूरत नहीं रही। उन्होंने कांग्रेस पार्षद की ओर से बजट में बताई गई कमियों के सवाल पर कहा कि कांग्रेस का काम कमियां निकालना है।
वहीं, इस दौरान भाजपा पार्षदों ने बजट की तारीफ की और कांग्रेस पर बेवजह हंगामा करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एक-एक करोड़ का बजट हर पार्षद को मिल रहा है। इससे अच्छे से विकास होगा।
बैठक निगम की न रह कर भाजपा की घर की बैठक बन गई : मिथुन वर्मा
कांग्रेस से वार्ड-10 के पार्षद मिथुन वर्मा ने कहा कि नगर निगम अंबाला की बजट व साधारण बैठक अंबाला की जनता की आवाज को दबाने वाली रही। बेशक बैठक में 181 करोड़ रुपये का अगले वर्ष का बजट पास कर दिया गया हो लेकिन बजट में बहुत सी खामियां थी, खामियों को जब उन्होंने बैठक में उठाना शुरू किया गया तो मेयर शैलजा सचदेवा ने बोलने का मौका ही नहीं दिया और बजट की बैठक को खत्म कर दिया गया। जबकि बजट में करीब 47 करोड़ रुपये का कोई ब्यौरा नहीं दिया गया था कि ये 47 करोड़ रुपये 2024-25 में कब और कहां लगाए गए।
इसमें करप्शन होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। यह जांच का विषय होना चाहिए था लेकिन मेयर ने इसे सुनना तो दूर इसे बिल्कुल नजर अंदाज करके करप्शन को और बढ़ावा दिया है। दूसरी साधारण बैठक को भी मेयर शैलजा सचदेवा ने पांच मिनट में पांच रटी हुई लाइन बोल कर खत्म कर दी। उनके साथ ही वार्ड-9, 11 की पार्षदों ने भी एजेंडा एडवांस में दिया था लेकिन साधारण बैठक में इनको नहीं रखा गया।
वर्मा ने कहा कि मेयर की ओर से आवाज को दबाना सीधा जनता की आवाज को दबाना है। यह निगम की बैठक निगम की न रह कर भाजपा की घर की बैठक बन गई। उन्होंने मनोनीत सदस्य संदीप सचदेवा की ओर से बोले गए अमर्यादित भाषा की भी निंदा की। उनको बात करते हुए मर्यादित भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए। वहीं, इस पर मनोनीत पार्षद संदीप सचदेवा ने कहा कि बैठक खत्म होने के बाद वह किसी भी भाषा में बात करें, वह अलग चीज है। बैठक खत्म होने तक उन्होंने ऐसा नहीं बोला।
वहीं, पार्षद राजिंद्र कौर ने बताया कि बजट व साधारण बैठक में उनको बोलने का मौका नहीं दिया गया। बजट को धक्के से पास किया गया है। यह निंदनीय है। सभी पार्षदों की बात सुननी चाहिए।
यह 14 एजेंडे निगम बैठक में किए गए पास
पिछली बैठक 25 मार्च 2025 को हुई नगर निगम की बैठक की कार्यवाही की पुष्टि।
वित्त एवं अनुबंध समिति की पिछली बैठक में हुए निर्णय की पुष्टि।
मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत लाभार्थियों के लिए भूमि चयन करने बारे विचार विमर्श, निगम की ओर से सात स्थानों का चयन किया गया। इसमें कांवला गांव में 34 एकड़, कालूमाजरा में 5 एकड़, लिहारसा में 5 एकड़, लोहगढ़ में 7 एकड़, डंगडेहरी में 14 एकड़, नसीरपुर में 8.25 एकड़, सद्दोपुर में 8 एकड़ भूमि शामिल है।
सामुदायिक भवन में पोर्टा कैबिंन लगाकर उसमें गार्ड रूम, सीएससी, सीएफसी स्थापित करने बारे।
कांवला गांव में एसटीपी के लिए जन स्वास्थ्य विभाग को 2 एकड़ भूमि देने बारे।
एचकेआरएनएल के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों की सेवा अवधि 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक बढ़ाने बारे।
सरकार की ओर से जारी रोजगार सुरक्षा अधिनियम को नगर निगम अंबाला में लागू करने बारे विचार विमर्श
निगम में कंसल्टेंट के रूप में कार्यरत सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सेवा अवधि में विस्तार बारे।
एचकेआरएनएल के माध्यम से विधि सलाहकार, आईटी विशेषज्ञ, कानूनगो की नियुक्ति।
नगर निगम अंबाला की वित्त एवं अनुबंध समिति के पुनर्गठन बारे।
स्लाटर हाउस बनाने के लिए भूमि का चयन करने बारे।
कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट लगाने बारे।
निगम सदस्यों को लैपटॉप उपलब्ध करवाने बारे।