संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। छावनी बस स्टैंड इन दिनों स्टाफ किल्लत से जूझ रहा है। 24 घंटे संचालित होने वाले इस बस अड्डे की व्यवस्था महज एक स्टैंड इंचार्ज के कंधों पर टिकी है जबकि यहां तीन शिफ्टों के अनुसार कम से कम 18 स्टैंड इंचार्ज की जरूरत है। रोडवेज अधिकारियों की इस सुस्ती का सीधा असर दैनिक बस संचालन और यात्री सुविधाओं पर पड़ रहा है।
छावनी बस अड्डे से रोजाना दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सहित राज्य के विभिन्न जिलों के लिए करीब 1,000 बसों का आवागमन होता है। प्रतिदिन लगभग 15,000 यात्री अपने गंतव्य के लिए यहां से सफर तय करते हैं। नियम अनुसार 24 घंटे चलने वाले इस बस अड्डे में तीन शिफ्टों में काम होता है और प्रत्येक शिफ्ट में कम से कम 6 स्टैंड इंचार्ज होने चाहिए। इसके विपरीत, यहां सुबह से शाम की शिफ्ट तक महज एक ही स्टैंड इंचार्ज ड्यूटी दे रहा है जबकि रात की शिफ्टों में हालात और बदतर हो जाते हैं।
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बस संचालन से लेकर इमरजेंसी तक की जिम्मेदारी
बस अड्डे पर काउंटर पर सही समय पर गाड़ियां लगवाने से लेकर उन्हें गंतव्य के लिए रवाना कराने तक की पूरी जिम्मेदारी स्टैंड इंचार्ज की होती है। इसके अलावा बसों का समय-सारणी और संचालन, रूट क्लीयरेंस, चालकों-परिचालकों का वे-बिल और इमरजेंसी के समय बैकअप बस का एडजस्टमेंट भी इन्हीं के जिम्मे होता है। बस अड्डे पर एक मुख्य निरीक्षक, दो इंस्पेक्टर और एक उपनिरीक्षक तैनात हैं, लेकिन स्टैंड इंचार्ज एक ही तैनात है।
मामले में अधिकारियों को पत्र लिखकर भेजा जा चुका है। जल्द अड्डे पर कर्मचारियों को भेजे जाने की उम्मीद है। - अश्वनी डोगरा, महाप्रबंधक, अंबाला डिपो।