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इंग्लैंड भेजने के नाम पर हड़पे 18 लाख, यूक्रेन से डिपोर्ट हुए दंपती

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बराड़ा। इंग्लैंड भेजने के नाम पर एजेंट ने डेरा सलेमपुर के रहने वाले दंपती से 18 लाख रुपये हड़प लिए। दंपती ने रुपये मां की जमीन बेचकर एजेंट को दिए थे। एजेंट ने उन्हें कई देशों से इंग्लैंड भेजने की बात कर गुमराह किया। आरोपी ने दंपती को यूक्रेन भेजा, जहां से उन्हें डिपोर्ट कर दिया गया। बराड़ा पुलिस ने युवक की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मामला किया है।
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शिकायत में अमर सिंह निवासी डेरा सलीमपुर ने बताया कि आरोपी जसवंत सिंह निवासी सन्नी एनकलेव हजटैक 739 चंडीगढ़ का उसके ही गांव के रहने वाले चरणजीत सिंह के घर आना जाना था। उसकी वहीं आरोपी से मुलाकात हुई। आरोपी ने पीड़ित को उसकी पत्नी के साथ इंग्लैंड भेजने की बात कही। आरोपी जसवंत ने उसे कहा कि आप 18 लाख रुपये का इंतजाम करो, वहां सेटल करने की सारी जिम्मेदारी उसकी होगी।
शिकायत के अनुसार, विदेश जाने के लिए पैसों का इंतजाम करने के लिए उसने अपनी मां जीतो देवी के गांव गुगल माजरा तहसील व जिला करनाल की जमीन को 25 जनवरी 2021 को बेच दिया। इसके बाद 14 फरवरी 2021 को सुभाष व चरणजीत की उपस्थिति में अपने घर पर आरोपी जसवंत को 18 लाख रुपये नकद दिए।
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पीड़ित ने बताया कि इस प्रक्रिया के दौरान तहसील बराड़ा में आरोपी एजेंट ने उनसे कोरे स्टांप पर हस्ताक्षर कराए। आरोपी ने दंपती से कहा कि वह उन्हें पहले पुर्तगाल भेजेगा कभी कहता कि एयरमाईन से इंग्लैंड भेज दूंगा। ऐसा करते करते करीब छह महीने बीत गए। फिर चंडीगढ़ में कागजातों की औपचारिकता कराने का बहाने बनाकर दंपती को रोके रखा और वहां भी कोरे स्टांप पर हस्ताक्षर कराए। फिर आरोपी ने दंपती का यूक्रेन का वीजा लगवा दिया। आरोपी जसवंत ने पीड़ित को कहा कि वहां हमारा एजेंट तुम्हें लेने आएगा, लेकिन नौ मार्च 2021 को यूक्रेन पहुंचते ही एयरपोर्ट पर अधिकारियों ने दंपती को डिपोर्ट कर दिया।
कहा, दुबई से भेजूंगा इंग्लैंड
यूक्रेन से डिपोर्ट हुए पीड़ित के पिता ने जब फोन कर आरोपी से पूछा तो उसने उन्हें दुबई से इंग्लैंड भेजने की बात कही। इसके चलते उसने 28 फरवरी 2021 व एक मार्च 2021 को वीजा की फोटो कॉपी दी गई। इसके बाद टाल मटोल करता रहा। इसके बाद वह आर्मेनिया से इंग्लैंड भेजने की बात कहने लगा। उसने 24 अगस्त 2021 को आर्मेनिया का वीजा लगवाया और उन्हें दिल्ली लेकर गया। जहां एक होटल में रोककर स्वयं जरूरी काम का बहाना बनाकर वहां से चला गया। आरोपी ने कहा कि उनको उनका साथी लेने आएगा जो आपको एयरपोर्ट लेकर जाएगा व असली कागजात देगा, परंतु वहां कोई नहीं आया। 16 मार्च 2022 को जब पीड़ित उसके ऑफिस पर गए तो पता चला कि वह अपना ऑफिस बंद कर चुका है। अब आरोपी न तो पीड़ित के पैसे वापस कर रहा है व न ही उनके असली कागज दे रहा है।
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