भवन निर्माण कामगार यूनियन का राज्यमंत्री के कार्यालय पर प्रदर्शन, सर्व कर्मचारी संघ ने नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नारायणगढ़।
कर्मचारी यूनियनों के सदस्य सोमवार को सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भवन निर्माण कामगार यूनियन हरियाणा के आह्वान पर मजदूरों ने राज्यमंत्री नायब सैनी के स्थानीय कार्यालय पर रोष प्रदर्शन किया। इसी प्रकार सर्व कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन सौंपा।
भवन निर्माण कामगार यूनियन द्वारा समस्याओं को लेकर मंत्री से मिलने के लिए बार-बार समय मांगने के बावजूद मुलाकात न होने व समय न देने पर गुस्साए मजदूर व उनके नेता राज्यमंत्री के कार्यालय के समक्ष बैठ गए। इस दौरान उन्होंने सरकार व मंत्री के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। घंटों चले इस प्रदर्शन के चलते सढौरा रोड पर एक तरफ की सड़क बाधित रही, लेकिन पुलिस ने यातायात को निकाला। बाद में मंत्री के राजनीतिक सचिव से हुई बात के बाद प्रदर्शनकारी शांत होकर घर लौट लिए। सुबह 10 बजे स्थानीय बस अड्डे के पास एकत्रित हुए मजदूरों ने शहर में जलूस भी निकाला, प्रदर्शन तथा नारेबाजी करते हुए मंत्री कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन का नेतृत्व यूनियन के प्रदेश उपप्रधान रमेश सैनी नन्हेड़ा, प्रदेश महासचिव सुखबीर सिंह, कामरेड टेकचंद, जिला प्रधान चमन लाल ने किया, जबकि कर्मचारी नेता सतीश सेठी भी मौजूद रहे। यूनियन नेताओं का कहना था कि उनकी मांगें लंबित हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं है। उनकी मांगों में पेंडिंग फार्मों का भुगतान निश्चित समय सीमा में करवाना, पंजीकरण, नवीनीकरण व सुविधा फार्मों को ऑफलाइन भी जमा करवाने, सभी कामगारों को तीन हजार रुपये मासिक पेंशन देने, मजदूरों को भी मिस्त्रियों की तरह औजार खरीदने के लिए राशि उपलब्ध करवाने, बोर्ड में जमा पैसा केवल मजदूरों पर ही खर्च करना, निर्माण कल्याण बोर्ड को स्वंतत्र विभाग बनाने तथा कन्यादान योजना के लंबित राशि घोषणा अनुसार शादी से पहले उपलब्ध करवाना शामिल हैं। मंत्री की गैरमौजूदगी में उनके राजनीतिक सचिव सोहन लाल ने यूनियन के शिष्टमंडल से बात कर यूनियन नेताओं को 6 मार्च को मंत्री से बैठक का समय दिया।
उधर, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के सदस्यों ने सोमवार को भाजपा सरकार की वायदा खिलाफी के विरोध में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा और घोषणापत्र में किये गए वायदों को पूरा करने की मांग की। अलग-अलग विभागों के कच्चे व पक्के कर्मचारियों ने खंड प्रधान सतनाम सिंह की अध्यक्षता में एकत्रित हो सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ज्ञापन में मुख्यमंत्री से मांग की गई कि विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने जारी घोषणा पत्र में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, ठेका प्रथा समाप्त करने, पंजाब के समान वेतनमान देने, 15 हजार रुपये न्यूनतम वेतनमान देने जैसे प्रमुख वायदे कर्मचारियों से किये थे लेकिन 40 महीने बीतने के बाद भी सरकार ने इन वायदों को पूरा नहीं किया। राज्य ऑडिटर सतीश सेठी ने कहा कि सरकार ने समान काम समान वेतन देने तथा कैशलेस मेडिकल सुविधा देने बारे जो पत्र जारी किये हैं उन्होंने भी जले पर नमक छिड़कने का ही काम किया है। सरकार आंगनबाड़ी वर्कर, आशा व मिड डे मिल वर्कर तथा ग्रामीण चौकीदार को सरकारी कर्मचारी का दर्जा व न्यूनतम वेतनमान देने से पीछे हट रही है। इस अवसर पर सतनाम सिंह, सतीश सेठी, मांगे साहिब, धर्मवीर, शिव कुमार पराशर, जय भगवान, श्याम लाल, राम कुमार, सतपाल चौहान आदि मौजूद रहे।