लावारिस कुत्तों के काटने से खौफजदा लोग, आठ और केस आए
- अंबाला कैंट व आसपास के गांवों में लोगों को काट रहे कुत्ते
- लावारिस कुत्ते बना रहे हैं लोगों को निशाना, प्रशासन बेखबर
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। ट्विनसिटी में लावारिस कुत्तों के काटने से घायल मरीजों का आंकड़ा दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। रोजाना सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में कुत्तों के काटने के दर्जनों मरीज सामने आ रहे है। प्रशासन है कि कुत्तों को लगातार अनदेखा करता आ रहा है। कुत्तों का ट्विनसिटी में आतंक इस कदर बन गया कि लोग घरों से डंडे लेकर निकलने को मजबूर हो गए है। अकेले निकलने पर बच्चे, बुजुर्ग व महिलाएं तक खौफजदा हैं।
अंबाला कैंट सिविल अस्पताल में शनिवार भी अंबाला कैंट व आसपास के गांव से करीबन आठ नए मामले सामने आए है। बताया जाता है कि इन मरीजों को रात के समय ही आवारा कुत्तों ने अपना निशाना बनाया और काटकर लहुलूहान कर दिया। कुत्तों के आतंक से पीड़ित आमजन सहमे हुए है। कुत्तों के खौफ के कारण लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया। डाक्टर का कहना है कि घायलों के शरीर पर गहरे घाव है और उन्हें टीका व दवाई देकर अस्पताल में दाखिल कर लिया जा रहा है। लावारिस कुत्ते का शिकार हुए लोगों की पहचान बब्याल निवासी मोहित, राजेश व लालकुर्ती निवासी राधेश्याम, सरसेहड़ी निवासी सतीश, पल्लवी, हरित प्रेम व महेश नगर से अतिश्य जैन, यश आदि शामिल है। घायलों का कहना है कि उनके इलाके में लावारिस कुत्तों ने आतंक मचा रखा है। पूरा दिन कुत्ते घरों के बाहर मंडराते रहते है और निकलते ही काटने को दौड़ते है। कई बार संबंधित विभाग को लावारिस कुत्तों पर शिकंजा कसने की शिकायत भी सौंपी जा चुकी है। उसके बावजूद भी कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
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लावारिस कुत्तों से मुक्ति की योजनाएं ठंडे बस्ते में
कई सालों से अंबाला कैंट व सिटी में लावारिस कुत्तों के आतंक की समस्या चल रही है। कई बार निगम लावारिस पर शिकंजा कसने की योजनाएं तैयार कर चुका है। न तो ये योजनाएं चल पाई है और न ही अभी तक लावारिस कुत्तों पर शिंकजा कसने के लिए विभाग के पास कोई ठोस योजना है। लावारिस कुत्तों से सुरक्षा केवल राम भरोसे है।
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एक सप्ताह के अंदर अस्पतालों में पहुंचे दर्जनों मामले
सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों के आंकड़ों पर गौर की जाए तो महज एक सप्ताह के अंदर ही करीबन 100 से 120 मामले सामने आ चुके है। जोकि अस्पतालों में महज टीका लगवाने के बाद वापिस लौट जाते है। प्रशासन भी इस आंकड़े को अनदेखा कर रहा है। गत दिवस ही प्रभु प्रेम पुरम में करीबन 8-10 व साहा स्थित समालखा में 7 व जंडली के तीन मामले सिविल अस्पताल कैंट में आए है।
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‘लावारिस कुत्तों के आंतक को लेकर विभाग पूरी तरह से गंभीर है। विभाग कुत्तों पर शिंकजा कसने के लिए योजनाबद्ध तरीके के काम किया जाएगा, ताकि ट्विनसिटी में लोग बेखौफ सड़कों पर घूम सकें।’
सतेंद्र दुहन, कमिशनर, नगर निगम, अंबाला कैंट