अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। विधायक असीम गोयल ने बताया कि अंबाला शहर को धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। भगवान वामन के जीवन से संबंधित धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के नौरंगराय तालाब का जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण का कार्य युद्धस्तर पर जारी है और इस पर लगभग 12 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा रही है।
उन्होंने बताया कि इस तालाब का भव्य और सुंदर प्रवेश द्वार, तालाब की चारदीवारी, श्रद्धालुओं द्वारा परिक्रमा करने के लिए कोरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा तालाब के बीचोंबीच पैदल पुल का निर्माण किया जायेगा और ब्रिज के साथ-साथ रंगीन फव्वारे लगाए जायेंगे। उन्होंने बताया कि पूरे नौरंगराय तालाब को खाली करके पूरी तरह साफ किया जा रहा है और सुंदरीकरण का कार्य पूरा होने के बाद इसे पुन: शुद्ध जल से भरा जायेगा। इस ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल का प्रवेश द्वार भी विशेष प्रकार से डिजाइन किया गया है जिसकी सुंदरता बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करेगी।
गोयल ने बताया कि म्यूनिसिपल पार्क का भी सुंदरीकरण किया जा रहा है और इस पर लगभग आठ करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा रही है। आकर्षक प्रवेश द्वार के साथ-साथ सुंदर पार्क में लोगों और बच्चों के लिए मनोरंजन व आकर्षण के साधन स्थापित होंगे। पूरी झील को विकसित करके नौकायान की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी तथा इसे पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनाया जाएगा।
सिख गुरुओं से संबंधित धार्मिक स्थलों का भी किया जा रहा है विस्तार
उन्होंने बताया कि अंबाला शहर में गुरु गोबिंद सिंह, गुरु हरगोबिंद साहिब, गुरू तेग बहादुर सहित अन्य सिख गुरुओं के महत्वपूर्ण स्थान स्थित हैं। सरकार द्वारा इन स्थानों के विस्तार के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। गांव लखनौर साहिब में गुरू गोबिंद सिंह के ननिहाल और माता गुजरी की जन्मस्थली है। यहां 37 करोड़ रुपये की लागत से वीएलडीए कालेज की स्थापना की प्रक्रिया जारी है और मुख्यमंत्री ने लखनौर साहिब में ही सिख म्यूजियम स्थापित करने की भी घोषणा की है। गुरू गोबिंद सिंह लाइब्रेरी के जीर्णोद्धार पर भी 75 लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च की गई है।