शहजादपुर। राज्यमंत्री नायब सिंह के पीए सोहन सिंह की गाड़ी की टक्कर से ऑटो में सवार डेहा बस्ती के रहने वाले तीसरे व्यक्ति की भी पीजीआई चंडीगढ़ में रविवार को सुबह मौत हो गई। जैसे ही परिजनों व डेहा बिरादरी के लोगों को इस बारे में पता चला तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। जिला परिषद के वाइस चेयरमैन रजनीश शर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में थाना शहजादपुर में तपती धूप में नीचे फर्श पर बैठकर धरना दिया। उनका आरोप था कि पुलिस जानबूझकर राज्यमंत्री के पीए को बचा रही है। वह किसी अन्य को इस केस में चालक दिखाना चाहती है, जबकि उस समय राज्यमंत्री का पीए ही गाड़ी को चला रहा था, जोकि हादसा कर मौके से फरार हो गया था। लोगों का कहना था कि जब तक पुलिस सोहन सिंह के खिलाफ मामला दर्ज नहीं करती तब तक वह यहीं बैठेंगे। इसके बाद थाना प्रभारी शहजादपुर नरेंद्र राणा ने उन्हें विश्वास दिलाया कि आपके साथ अन्याय नहीं होगा। शव का पोस्टमार्टम करवाना है, जिसके बाद कार्रवाई की जाएगी। करीब दो घंटे बाद ग्रामीण धरना से हटे।
गौरतलब है कि गत 11 मई को कस्बा शहजादपुर का डेहा बस्ती का रहने वाला एक परिवार नारायणगढ़ से दवाई लेकर एक ऑटो में सवार होकर शहजादपुर की तरफ आ रहे था। जैसे ही वह गांव बड़ागढ़ के निकट बेगना नदी के पुल के समीप पहुंचे तो एक कार ने उन्हें टक्कर दे मारी जिसमें ऑटो पलट गया और दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 6 घायल हो गए थे। इसमें एक अन्य शहजादपुर निवासी 45 वर्षीय संजू ने पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
कार के नंबर के आधार पर मामला दर्ज
जब इस बारे में कार्रवाई को लेकर थाना प्रभारी नरेंद्र राणा से बात की गई तो उनका कहना था कि घटना के समय ऑटो में सवार 10 लोगों को जिस कार ने टक्कर मारी थी, तभी मामला दर्ज कर लिया था। कार चालक मौके से फरार हो गया था, जिस पर हमने गाड़ी का नंबर से पता किया तो गाड़ी सोहन सिंह नामक व्यक्ति की है। इसकी जांच की जा रही है कि हादसे के समय गाड़ी कौन चला रहा था। इसकी लोकेशन निकलवाई जाएगी। जब उनसे पूछा गया कि इसमें इतनी देरी क्यों हुई है तो थाना प्रभारी का कहना था कि इलेक्शन ड्यूटियों के कारण लोकेशन निकलवाने में थोड़ी देरी जरूर हुई है पर एक-दो दिन में निकल जाएगी।