अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला/नारायणगढ़। नारायणगढ़ क्षेत्र में बरसात और आंधी के साथ-साथ ओला पड़ने से क्षेत्र में गेहूं की फसल बिछ गई है। इससे पहले घने काले बादलों से अंधेरा छा गया, जिससे सड़कों पर चल रहे वाहन चालकों को हेड लाइटें जलानी पड़ीं। वहीं अंबाला, मुलाना और बराड़ा में अंधड़ चलने के कारण लोग घरों में कैद हो गए। वहीं तापमान में भी चार डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
सोमवार सुबह साढ़े 9 बजे घने काले बादल छाने से सड़कों व बाजारों में अंधेरा छा गया। इसके बाद नारायणगढ़ में मूसलधार बारिश और ओले पड़ने लगे। इस पर सड़कों व गलियों में जलभराव हो गया। रविवार को जहां अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं सोमवार को 30.8 डिग्री सेल्सियस रह गया। वहीं न्यूनतम 22.1 से घटकर 20.2 डिग्री सेल्सियस हो गया। भुरेवाला, फतेहपुर, कोहडा, लाहा, खानपुर ब्रहमना, पुलेवाल, मीरपुर, बरोली, अहमदपुर, अकबरपुर, सैनमाजरा, डेरा, शाहपुर, झीडीवाला, सम्भालवा सहित इनके साथ लगते कई गांवों में आंधी, बरसात और ओलावृष्टि से किसाना की गेहूं की खड़ी फसल बिछ गई।
30 प्रतिशत का हुआ नुकसान
बरोली के किसान मुलराज ने बताया कि सुबह के समय बरसात, आंधी और ओले पड़ने से गेहूं का दाना झड़ चुका है। जो हरी गेहूं की फसल थी वह गिर चुकी है। करीब 30 प्रतिशत फसल का नुकसान हुआ है। यही नहीं बरसीम के पत्ते भी झड़ गए हैं।
ओलावृष्टि होने से ज्यादा नुकसान
नारायणगढ़ के किसान जयचंद सैनी ने बताया कि उनकी जमीन अहमदपुर मोजा में पड़ती है, जिसमें उन्होंने ज्यादा गेहूं लगाई हुई है। बरसात और आंधी के साथ डेढ़-डेढ़ इंच की ओलावृष्टि होने से उनका ज्यादा नुकसान हुआ है। जो खेतों में फसल सूखी खड़ी थी वह 50 प्रतिशत झड़ गई है।
पछेती फसलों को भारी क्षति
किसान प्रदीप कुमार, अजय कुमार, राम चंद्र, कमलजीत, राम कुमार, बलजीत, जगदीश, लाल सिंह आदि के अनुसार सोमवार को इस बदले मौसम ने गेहूं की पछेती फसल को भारी क्षति पहुंचाई है। हालांकि गनीमत यह रही कि यह बारिश और ओलावृष्टि शहर व उसके आसपास क्षेत्र लगभग छह किलोमीटर के दायरे में ही देखा गया।
बेगना नदी में आया पानी
शहजादपुर। हिमाचल के पहाड़ी इलाकों में हुई तेज बारिश के चलते बेगना नदी में पानी आ गया। किसान रविन्द्र, जसबीर, महिपाल, सोहन लाल आदि का कहना था कि इस मौसम में पहले कभी नदी में बरसात से पानी नहीं आया। नदी में पानी आने से भूमि का जलस्तर बढ़ता है, जो किसानों के लिए फायदेमंद साबित होता है। वहीं शहजादपुर में हुई ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान हुआ। किसानों की खेत में खड़ी गेहूं की फसल गिर कर खराब हो गई। किसानों ने सरकार से मुआवजा दिए जाने की मांग की।
तेज हवाएं चलने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें
बराड़ा। सोमवार को सारा दिन बादल छाए रहे। तेज हवाएं चलीं, जिस कारण किसानों को गेहूं की फसल को लेकर भारी चिंता सताए रही। तेज अंधड़ के कारण दुकानों के साइन बोर्ड इधर-उधर जा गिरे। सारा दिन धूल उड़ती रही। देर शाम हल्की बूंदाबांदी होने पर किसान गेहूं की फसल को लेकर चिंतित रहे। किसान मेहर सिंह, सतनाम, रवि ने बताया कि गेहूं की फसल पक कर तैयार हो चुकी है। रात में बरसात हो गई तो किसानों की मेहनत की फसल खराब हो जाएगी।
10 को फिर बादल छाए रहने की संभावना
मौसम विज्ञानियों के अनुसार 9 अप्रैल को मौसम साफ होने की संभावना है। वहीं 10 और 11 अप्रैल को फिर से बादल छाए रहने का अनुमान लगाया जा रहा है।