अमर उजाला ब्यूरो
शहजादपुर। बारिशों के दिनों में जब प्रदेश की नदियां उफान पर होती हैं तो बेगना नदी के समीप लगते गांव के लोगों को भी नदी के पानी का गांव में घुसने का खतरा मंडराता है। पहाड़ों में हुई बारिश के चलते इस नदी में फिलहाल कम पानी आया है, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहाड़ों में तेज बारिश हुई तो पानी बढ़ेगा, जिससे गांवों को खतरा है।
रॉकी, साहब सिंह, राजू, रिंकू का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्र में बारिश होने से क्षेत्र की नदियां उफान पर आने से गत वर्ष भी बेगना नदी का पानी गांव बनौंदी में घुस गया था। कई बार गांव बनौंदी, भारांपुर, तंदवाल, बड़ागढ़ में पानी घुस चुका है। इसका कारण बेगना नदी में हो रहे खनन को माना जा रहा है। उन्होंने बताया कि नदी किनारे जो पटरी बनाई गई है, वह पानी रोकने के लिए है लेकिन अवैध खनन करने वाले वाहन खनन सामग्री को ढोने के लिए पटरी को तोड़ देते हैं जिस कारण यह पानी पटरी टूट जाने से उसी रास्ते से होता हुआ गांव में घुस जाता है। प्रशासन भी इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता, जबकि हर साल ग्रामीण इसी तरह से परेशान होते हैं।
एसडीएम नारायणगढ़ वीरेंद्र सिंह का कहना है कि जो पटरी टूटी हुई थी, उसे हमने ठीक करवा दिया था। इसके अलावा जहां भी कोई इस प्रकार की कमी है, उसके बारे में संबंधित विभाग की ड्यूटी लगाई हुई है।