महागौरी की पूजा के साथ कन्या पूजन आज
फोटो नंबर 10 और 25
बाजारों में लगी भक्तों की भीड़, विभिन्न मंदिरों में हवन के साथ होगा भंडारे का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। बुधवार को नवरात्र में अष्टमी के मौके पर माता महागौरी की पूजा के साथ घरों में कन्या पूजन होगा। इससे पूर्व ही बाजारों में भक्तों की भीड़ दिखाई दी। इस दौरान भक्त कन्या पूजन के लिए चूनरी, गिफ्ट, चॉकलेट व अन्य की खरीदारी कर रहे थे। वहीं मंदिरों में भी विशेष रूप से होने वाले कार्यक्रमों के लिए तैयारियां की जा रही हैं। कई मंदिरों में विशेष रूप से भंडारे का आयोजन भी किया जा रहा है। मंगलवार को भी मंदिरों में भक्तों की माता के दर्शनों के लिए भीड़ लगी रही। मंदिर मां के जयकारों के गूंज रहे थे और भक्त भी मां के एक दर्शन पाने के लिए लाइनों में लगे थे। इसी तरह का दृश्य अंबाला सिटी के अंबिका माता मंदिर, दुखभंजनी काली माता मंदिर, झांवरियां वाला मंदिर, सेक्टर-10 स्थित वैष्णो देवी मंदिर व अन्य के साथ कैंट के कालीबाड़ी माता मंदिर, सनातन धर्म मंदिर व अन्य मंदिरों में भक्तों ने माता का दिदार किया।
टिफन, पर्स, बोतल, चॉकलेट व अन्य सामान की हुई खरीददारी
कन्याओं को देने के लिए भक्तों द्वारा प्रसाद के साथ टिफिन, पर्स, बोटल, चॉकलेट व अन्य सामान की खरीददारी की गई। इसके साथ ही बहुत ही सुंदर-सुंदर पर्स बाजारों में कन्याओं को देने के लिए उपलब्ध थे। दुकानदार मनीष ने बताया कि कन्या पूजन के दौरान कन्याओं को देने के लिए इस बार कई तरह से नए तरीके के गिफ्ट, बोतल व पर्स आए हैं जिसकी भक्तों द्वारा खूब खरीददारी की जा रही है।
वहीं झांवरियां वाला मंदिर में सुबह सात बजे हवन का आयोजन, दोपहर को 1 से 5 बजे तक भंडारा, और रात को जागरण का आयोजन किया जाएगा इसमें भजन गायक, अजय मदान व साथी भजनों का गुणगान करेंगे। ऐसे ही अंबिका देवी मंदिर में भी भंडारे का आयोजन किया जाएगा, इसके साथ ही अन्य मंदिरों में भी अष्टमी के मौके पर लंगर का आयोजन किया जाएगा।
ऐसे करें पूजन
पंडित राहुल ने बताया कि कन्या पूजन के दिन सुबह नहा-धोकर भगवान गणेश और महागौरी की पूजा करें। इस दौरान 2 साल से लेकर 10 साल तक की कन्याओं और एक बालक को अपने घर बुलाएं। उनके पैर धुलवाते हुए उन्हें बैठने के लिए आसन दें। अब उन्हें रोली, कुमकुम और अक्षत का टीका लगाएं। इसके बाद उनके हाथ में मौली बांधें। अब सभी कन्याओं और बालक की आरती उतारें। आरती के बाद सभी कन्याओं को भोग लगाएं व उपहार दें।