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40 ट्रेफिक कर्मी कैसे सुधारेंगे जिलेभर में ट्रेफिक : मिश्रा

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जिले में सवा सौ चौराहे, 40 पुलिसकर्मी कैसे सुधारेंगे ट्रैफिक
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प्रस्तावित एंकर
फोटो नंबर : 6 व 17
यातायात नियमों को लेकर सेवा सदन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बोले एडीजीपी आरसी मिश्रा
सेवा सदन द्वारा जैन गर्ल्स स्कूल में यातायात नियमों को लेकर आयोजित किया गया कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। एडीजीपी आरसी मिश्रा ने कहा कि 40 ट्रैफिक पुलिसकर्मी जिलेभर के ट्रैफिक को नहीं संभाल सकते। सवा सौ प्रमुख चौराहे जिले में हैं और एक ट्रैफिककर्मी हर चौराहे पर खड़ा किया जाए तो भी पूरे नहीं पड़ते। कर्मियों को ऊपर से वीआईपी ड्यूटी, क्राइम कंट्रोल, लॉ एंड ऑर्डर आदि के काम देखने पड़ते हैं। एडीजीपी मिश्रा कैंट के जैन गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में सेवा सदन द्वारा आयोजित यातायात जागरूकता अभियान के दौरान मुख्यातिथि के तौर पर लोगों व विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। उनके कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर सदन के अध्यक्ष अशीष अग्रवाल व अन्य ने एडीजीपी का स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि यातायात नियमों की पालना करने के लिए हमें स्वयं सचेत होना होगा। देश में अधिकतर लोग यातायात नियमों की पालना नहीं करते। 90 प्रतिशत वाहन खनन, बिल्डिंग मैटीरियल, खाद्य सामग्री एवं अन्य से ओवरलोड होते हैं। इन्हें चेक करना पुलिस का काम नहीं है, मगर फिर भी हर हादसे के बाद दोष पुलिस के सर मड़ दिया जाता है। उन्होंने कहा कि विदेशों में यातायात नियमों की पालना कराने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक पुलिस नहीं होती, वहां हर कार्य सीसीटीवी पर मॉनिटर होता है। वहां पर लोग स्वयं यातायात नियमों की पालना करते हैं और देश में भी लोगों को यातायात नियमों की स्वयं पालना करनी होगी, तभी सड़क सुरक्षा मजबूत हो सकेगी।
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हर घर में कम से कम दो सीसीटीवी लगे
एडीजीपीसी ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि हर घर में कम से कम दो सीसीटीवी कैमरे लगे होने चाहिए। ऐसा होने से यातायात एवं अपराध की रोकथाम बेहतर तरीके से हो सकेगी। ट्विन सिटी में लोगों से आह्वान किया जा रहा है कि वह घरों में सीसीटीवी अवश्य लगाएं जबकि दुकानदारों से भी यह आह्वान किया गया है। सीसीटीवी से कई बड़ी वारदात सुलझाने में आसानी होती है।
युवा चाहते हैं बाइक चलाते हुए बाल लहराएं
एडीजीपीसी मिश्रा ने कहा कि युवा वर्ग चाहता है कि बाइक तेज रफ्तार पर चलाते हुए उनके बाल हवा में लहराने चाहिए। इसी वजह से वह हेलमेट पहनने से गुरेज करते हैं। नौवीं से 12वीं कक्षा तक विद्यार्थियों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी देना जरूरी है। स्कूलों में आज तक ऐसा कोई पाठ्यक्रम ही नहीं है जिसके माध्यम से बच्चों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा सके। उन्होंने अध्यापकों व अभिभावकों को बच्चों को यातायात को लेकर जागरूक करने का आह्वान भी किया।
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सेवा सदन की मुहिम को सराहा, बांटे हेलमेट
एडीजीपी मिश्रा ने सेवा सदन द्वारा यातायात जागरूकता को लेकर आरंभ किए गए अभियान को सराहा। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियानों के माध्यम से लोगों व बच्चों को जागरूक किया जा सकता है। इस दौरान यातायात विषय पर भाषण स्पर्धा में प्रथम रही तनु, द्वितीय रही प्राची और तृतीय रही अलका को एडीजीपी व सेवा सदन की ओर से हेलमेट देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विशिष्ट अतिथि के तौर पर भाजपा नेता आशीष तायल मौजूद रहे जबकि कार्यक्रम में सदन के अध्यक्ष अशीष अग्रवाल, महासचिव विकास जैन, कोषाध्यक्ष गौरव गुगलानी, उपाध्यक्ष गगन मरवाह, संयुक्त सचिव अमित वशिष्ठ, सह कोषाध्यक्ष विक्रम शर्मा, प्रवक्ता विजय शर्मा, आडिटर गगनदीप थापर, मिलन दास, दिगंबर जैन सभा से दिनेशचंद जैन, अरविंद जैन व अन्य मौजूद रहे।
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