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ई-प्रणाली सरपंचों ने किया विरोध, बीडीपीओ कार्यालयों पर जड़े ताले

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ई-प्रणाली सरपंचों ने किया विरोध, बीडीपीओ कार्यालयों पर जड़े ताले
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला। प्रदेश सरकार के ई-प्रणाली लागू करने के विरोध में सरपंचों का विरोध तेज होता जा रहा है। शुक्रवार को एसोसिएशन पदाधिकारियों और सदस्यों ने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान बीडीपीओ कार्यालय पर ताला तक जड़ दिया। चेतावनी दी कि यदि सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को प्रदेश स्तर पर और तेज कर दिया जाएगा। विरोध दर्ज करवाने के बाद धरना समाप्त कर दिया गया, लेकिन माना जा रहा है कि आंदोलन काफी भड़क सकता है।
अंबाला सिटी में सरपंच एसोसिएशन और ग्राम सचिव वेलफेयर एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन करते हुए बीडीपीओ ऑफिस पर ताला जड़ दिया। सरपंच एसोसिएशन के प्रधान रणधीर सिंह ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए बिना किसी तैयारी के ही योजना लागू करने का आरोप लगाया। कहा कि गांवों में न तो इंटरनेट की सुविधा है और न ही कंप्यूटर की व्यवस्था है। ऐसे में इस प्रणाली को कैसे लागू किया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री पर सरपंचों का अपमान करने का भी आरोप लगाया। कहा कि ग्राम सचिवों को सरपंचों का साथ देने पर सस्पेंड किया जा रहा है। इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। कहा कि ई प्रणाली को जल्द से जल्द खारिज किया जाए। साथ ही पंचायती एक्ट लागू किया जाए। मांग की कि जिन नौ ग्राम सचिवों को सस्पेंड किया गया है, उन्हें भी जल्द बहाल किया जाए। इस मौके पर निर्मल सिंह, राजकरण, प्रमोद कुमार, सुमित कुमार, साहिल अरोरा, जसपाल, जगमीत, मलकीत सिंह, सुभाष, अमरजीत, नरेश कुमार, सुखबीर के साथ ग्रामसचिव एसोसिएशन के सदस्य मौजूद रहे।
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मंत्री जी धरना उठा रहे हैं, नहीं सुनी तो तेज होगा आंदोलन
नारायणगढ़। सरकार की ई प्रणाली के विरोध में खंड के सरपंचों, ग्राम सचिव और पंचायत समिति सदस्यों ने शुक्रवार को खंड कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। इसके बाद कार्यालय प्रांगण में धरना दिया। इस प्रदर्शन की अगुवाई सरपंच यूनियन के प्रधान जसविंद्र बख्तुआ ने की। सरपंचों का कहना है कि ई प्रणाली थोपी जा रही है। पंचायतों में न तो कंप्यूटर है, न ऑपरेटर। सचिवों का कहना है कि ये बेहद जटिल प्रक्रिया है। इस प्रणाली को पंचायतों में लागू करना अभी संभव नहीं है। इसके लिए 11 एप्लीकेशन अडॉप्ट करनी होंगी। उसके बाद बैंक की बारी आएगी। सरपंचों ने बीडीपीओ कार्यालय के दो द्वारों पर ताले लगा दिए। उस समय कुछ कर्मी अंदर कार्य कर रहे थे। सूचना पाकर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने ही ताला खुलवाकर अंदर कार्य कर रहे कर्मचारियों को बाहर निकाला। इसके बाद गेट पर फिर से ताला जड़ दिया गया। दोपहर लगभग ढाई बजे बीडीपीओ सुमित बक्शी आए तो उन्होंने यूनियन प्रधान जसविंद्र बख्तुआ से बातचीत कर ताला खुलवाया। इस दौरान राज्यमंत्री नायब सैनी धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने सरपंचों की मांगों को सरकार के सामने रखने का आश्वासन दिया। खानपुर राजपूताना के सरपंच महिंद्र सैनी ने कहा कि कहना कि राज्य स्तरीय यूनियन के नेताओं के आदेशानुसार ही आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।

सीएम ने बातचीत के लिए बुलाकर किया अपमानित
शहजादपुर। कई दिनों से ई प्रणाली का विरोध कर रहे सरपंचों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बातचीत के लिए बुलाकर उन्हें अपमानित किया है। ई-प्रणाली के विरोध और अपमानित किए जाने के रोषस्वरूप खंड शहजादपुर के सरपंचों ने खंड विकास और पंचायत कार्यालय पर ताला जड़कर प्रदर्शन किया। लगभग तीन घंटे तक ताला लटका रहने के कारण कामकाज ठप रहा। कार्यकारी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी के समझाने पर ताला खोला गया। खंड शहजादपुर के सरपंच सरपंच एसोसिएशन शहजादपुर के प्रधान सरपंच अशोक पाल की अगुवाई में सुबह से ही खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय पर पहुंचने लगे थे। करीब 11 बजे सरपंचों ने कार्यालय से सभी कर्मचारियों को बाहर निकाल कर गेट पर ताला लगा दिया और धरने पर बैठ गए। लगभग तीन घंटे बाद कार्यकारी बीडीपीओ सुमित बख्शी ने ताला खुलवा कार्यालय का कामकाज शुरू कराया।
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डेढ़ घंटे लगा कार्यालय पर ताला
बराड़ा। ई-प्रणाली के विरोध में ब्लॉक सरपंचों ने ब्लाक कार्यालय को ताला जड़ दिया। इसकी अध्यक्षता सरपंच यूनियन प्रधान नेत्रपाल राणा ने की। सरपंचों ने हरियाणा सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। सरंपचों ने लगभग 1:40 से लेकर 3:15 तक ब्लॉक पर कब्जा रखा। सूचना मिलते ही बराड़ा थाना प्रभारी मौके पर पहुंच गए। इस मौके पर बीरमति सरपंच कंबासी, पवन सरपंच राजोखेड़ी, जसविंद्र सरपंच सोहाता, प्रवीण घेलड़ी, बंटी सरपंच अधोया आदि मौजूद रहे।
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