महाभारत से जुड़ी है प्रदेश की धरा, इसलिए स्वर्ण जयंती द्वार बनाया धनुष जैसा
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। जीटी रोड से अंबाला आगमन पर स्वर्ण जयंती द्वारा यात्रियों का स्वागत करेगा। पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल, जम्मू और कश्मीर से अंबाला की ओर आने वाले लोगों का इस्तकबाल यही द्वार करेगा। वीरवार सुबह सीएम मनोहर लाल खट्टर ने इसका लोकार्पण कर दिया।
हरियाणा के 50वें जन्मदिवस पर प्रदेश सरकार ने स्वर्ण जयंती कार्यक्रम करवाए गए थे। इसके तहत सात करोड़ रुपये की लागत से स्वर्ण जयंती द्वार का निर्माण किया गया है। कई प्रोजेक्ट्स बनाने वाली महिला आर्किटेक्ट रेणु खन्ना ने बताया कि स्वर्ण जयंती द्वार को तय समय से पहले तैयार कर दिया गया है। स्वर्ण जयंती द्वार धनुष के आकार का बनाया गया है। इसके माथे पर शंख भी स्थापित किया गया है। बताया कि हरियाणा राज्य की एक पहचान महाभारत भी है। इस कनेक्शन को ध्यान में रखते हुए भी इस द्वार का आकार धनुष और बाण की तरह बनाया गया है। हरियाणा की पावन धरा पर ही गीता ने जन्म लिया था। इसलिए इस द्वार के माध्य में शंख स्थापित किया गया है। रेणु ने बताया कि द्वार का ढांचा स्टील का है। द्वार पर विभिन्न रंगों की लाइटिंग की गई है। अंबाला का नाम मां अंबा के नाम पर रखा गया है और उनका वाहन शेर है। इसलिए लिए यहां पर दो शेर भी लगाए गए हैं। यह शेर प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया कार्यक्रम को भी प्रदर्शित करते हैं। रेणु ने कहा कि बतौर महिला वह चुनौती लेना पसंद करती हैं। उन्होंने बताया कि देशभर में वह करीब 26 प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हैं।
प्रदेश की हर एंट्री पर स्वर्ण जयंती द्वार : खट्टर
उद्घाटन अवसर पर मौजूद सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि स्वर्ण जयंती कार्यक्रम की योजना के अनुसार हरियाणा प्रदेश की हर एंट्री पर ऐसे स्वर्ण जयंती द्वार बनाए जाएंगे। पहला द्वार अंबाला में बना है। इसके बाद अन्य प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हो जाएगा। सीएम ने कहा कि सरकार ने जिन-जिन प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया है या जो-जो काम चल रहे हैं, वे सभी जल्दी पूरे कर लिए जाएंगे।