पीड़ित और आरोपी पक्ष धरने पर, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
नारायणगढ़।
खनन माफिया के लोगों द्वारा गत दिनों तीन युवकों पर हमले के मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ और समर्थन में शहर में दो जगह समानांतर धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया है। एक पक्ष पुलिस स्टेशन के सामने तो दूसरा डीएसपी आवास के समक्ष धरने पर बैठा है। लगभग सवा महीने पहले दर्ज हुए मामले में पुलिस की ढीली कार्यवाही को लेकर जहां पीड़ित पक्ष पिछले एक सप्ताह से धरना दे रहा है, वहीं इसी मामले में नामजद आरोपियों को गलत तरीके से फंसाने का आरोप लगा परिजन और अन्य लोग भी आंदोलन-धरने पर उतर आए हैं। वहीं असमंजस पुलिस ने सुरक्षा भी बढ़ा दी है। दूसरी ओर शुक्रवार देर शाम डीएसपी के आश्वासन के बाद आरोपी पक्ष ने धरना समाप्त कर दिया। डीएसपी राजबीर सिंह का कहना है कि इस मामले में पूरी तरह से निष्पक्ष जांच की जाएगी।
यह है मामला : बता दें कि फरवरी माह में स्थानीय पंजलासा चौक पर राज्यमंत्री के कार्यालय के पास कुछ लोगों ने एक दुकान में घुसकर तीन युवकों पर जानलेवा हमला किया था। मामले में पुलिस ने हत्या प्रयास सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। मामले में पुलिस द्वारा नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर स्थानीय थाना के समक्ष पिछले कई दिनों से शहरवासी और विभिन्न संस्थाओं के लोग धरना दे रहे हैं। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया। दूसरी ओर इसी मामले में आरोपी पक्ष ने पुलिस द्वारा झूठा मामला दर्ज करने के दावे के साथ रोष मार्च निकाला और शुक्रवार को धरने पर बैठ गया। इनका कहना है कि धरना प्रदर्शन के माध्यम से दूसरा पक्ष दबाव बनाकर उनके निर्दोष बच्चों को फंसाना चाहता है।
शुक्रवार को नामजद आरोपियों के समर्थन में उतरे सैकड़ों लोग मुख्य बाजार से होते हुए अंबेडकर चौक पहुंचे, बीच रास्ते में थाना के समक्ष दूसरे पक्ष (पीड़ित) के लोग धरनारत थे। किसी भी आशंकित टकराव को टालने के लिए सुरक्षा के लिहाज से पुलिस धरनास्थल पर तैनात थी। प्रदर्शनकारियों के निशाने पर कुछ स्थानीय राजनेता भी रहे, जबकि प्रदर्शनकारियों के समर्थन में एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष दिव्यांशु बुद्धिराजा भी नारायणगढ़ पहुंचे। उन्होंने शासन और प्रशासन को संविधान की मर्यादा अनुसार कार्य करने की नसीहत भी दी।
उधर, धरने पर बैठे आरोपी पक्ष से डीएसपी राजबीर सिंह ने बात की। उन्होंने कहा कि इस मामले में निष्पक्ष जांच की जाएगी, जबकि जांच बिना किसी दबाव के चल रही है और जारी रहेगी। इस आश्वासन के बाद आरोपी पक्ष के समर्थन में उतरे लोगों ने धरना समाप्त कर दिया।