साइबर कैफे के चक्कर लगा रहे विद्यार्थी, नहीं खुली वेबसाइट, कल है आखिरी तारीख
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
कॉलेजों में ‘ऑनलाइन परीक्षा फार्म न भरने पर विद्यार्थी प्रथम वर्ष के पेपर नहीं दे पाएंगे’। यह निर्देश राजकीय पीजी महाविद्यालय के नोटिस बोर्ड पर लगा है जिसे पढ़कर विद्यार्थी सहम हुए हैं। महाविद्यालयों में पेपर आरंभ होने से चार दिन पूर्व कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से जारी किए गए निर्देश में प्रथम वर्ष के विद्यार्थी को ऑनलाइन एग्जामिनेशन फॉर्म भरने है और फार्म भरने के बाद 13 नवंबर को सुबह 11 बजे तक उसका एक प्रिंट कालेज में जमा करवाना होगा। लेकिन शनिवार को विश्वविद्यालय की वेबसाइट नहीं चलने के कारण विद्यार्थियों के फार्म ही नहीं भरे जा सके। उनमें पेपर न दे पाने का डर बना हुआ है।
साइट न चलने के कारण सुबह से दोपहर तक विद्यार्थी साइबर कैफे के चक्कर काटते रहे। दोपहर बाद केवल कुछ समय के लिए वेबसाइट खुली थी इस दौरान केवल 5 से 10 विद्यार्थियों के ही फॉर्म भरे जा सके। कुछ विद्यार्थियों के फॉर्म साइट डाउन होने के कारण बीच में ही अटक गया। विद्यार्थियों ने बताया कि नोटिस बोर्ड पर चस्पाए किए नोटिस में केवल 13 नवंबर को सुबह 11 बजे तक का समय दिया गया है अगर साइट ही नहीं चलेगी तो वह फार्म किस प्रकार भर पाएंगे।
ईमेल आईडी नहीं हो रही एक्सैपट
फॉर्म भरते समय कुछ विद्यार्थियों की यूनिक आईडी तक नहीं बन पा रही है, फार्म भरने की बात तो दूर है। विद्यार्थियों का फॉर्म बीच में ही रुक रहा है। यह विद्यार्थियों के साथ-साथ साइबर कैफे संचालकों के लिए सिरदर्द बन गया है क्योंकि कई-कई बार फॉर्म भरने के बाद भी विद्यार्थियों के फार्म रजिस्टर नहीं हो पा रहे थे। प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने बताया कि शुक्रवार को राजकीय महाविद्यालय के नोटिस बोर्ड पर नोटिस चस्पा किया था जिसमें 13 नवंबर तक फॉर्म भरने की हिदायत थी। मगर अभी तक साइट ओपन ही नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि 12 को रविवार है और ऐसे में 13 तक फॉर्म कैसे भरा जा सकता है। इसका कुछ समाधान किया जाना चाहिए।
फॉर्म भरने के लिए यह दस्तावेज जरूरी
10 की मार्कशीट, 12 की मार्कशीट, आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, रंगीन फोटो, थंब इंप्रेशन, हस्ताक्षर, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर देना होगा।
वेबसाइट कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा ही संचालित की जा रही है। अगर साइट में किसी भी तरह की कोई शिकायत आ रही है या विद्यार्थियों के फॉर्म नहीं भरे गए तो विश्वविद्यालय इस डेट को बढ़ा भी सकता है। जिस कारण विद्यार्थी फार्म भर सकते हैं। -आरडी चालिया, प्राचार्य, राजकीय कालेज, अंबाला कैंट।