बीईओ बराड़ा पर लटकी कार्रवाई की तलवार
सरस्वती नगर के स्कूल के कमरों के निर्माण में अनियमितताओं का मामला
साल 2011 में 11 कमरों को बनाने के लिए मिली थी ग्रांट, छह कमरों का निर्माण हुआ
अमर उजाला ब्यूरो
मुलाना/बराड़ा। सरस्वती नगर के स्कूल में कमरों के निर्माण में अनियमितता पाए जाने के मामले में तत्कालीन बीईओ सरस्वती नगर और वर्तमान बीईओ बराड़ा राम प्रकाश पर कार्रवाई हो सकती है। सरस्वती नगर स्थित सीनियर सेकेंडरी स्कूल में नौ क्लासरूम सहित ग्यारह कमरे बनाए जाने थे, जबकि ग्रांट मिलने के बावजूद कमरों का निर्माण कार्य पूरा नहीं करवाया। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने मामले में जांच की तो ग्रांट राशि खर्च करने में अनियमितता पाई। इसके चलते यमुनानगर के डीसीपी को प्रिंसिपल व बीईओ के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी किए थे, साथ ही रुपयों की रिकवरी ब्याज सहित करने को कहा था लेकिन बावजूद इसके दोनों पर शिक्षा अधिकारी मेहरबान रहे। इस बीच प्रिंसिपल का पानीपत जिले तबादला हो गया जबकि में राम प्रकाश बीईओ बराड़ा नियुक्त हो गए। अब 7 दिसंबर 2018 को स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर एक्जीक्यूटिव इंजीनियर एस सिंह ने पत्र लिख कर एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
कोट
ऐसा नहीं है उस वक्त जब ग्रांट आई थी तब खनन पर प्रतिबंध था। तब विभाग ने बढ़ी हुई राशि पूरे हरियाणा प्रदेश के स्कूलों को दी थी, लेकिन सरस्वती नगर के स्कूल को राशि नहीं दी थी। इसी दौरान मेरा तबादला हो गया। अब स्कूल के कमरों का निर्माण उन्हें अपने रुपयों से करवाना पड़ रहा है।
-राम प्रकाश, बीईओ बराड़ा।
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अगर सोमवार तक रुपयों की रिकवरी नहीं हुई तो प्रिंसिपल और तत्कालीन बीईओ राम प्रकाश के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी जाएगी।
-सुरेंद्र पाल, बीईओ, सरस्वती नगर।