आठ कर्मचारी गिरफ्तार, कंडक्टर नहीं होने से वापस आईं निकाली गईं बसें
फोटो नंबर : 19 से 23
रोडवेज चक्का जाम.....
तड़के ही रोडवेज डिपो में भारी पुलिस बल कर दिया था तैनात
डीएसपी व रोडवेज जीएम की देखरेख में कर्मियों को लिया हिरासत में
मिला-जुला असर रहा, 36 बसें चली रोडवेज की
प्राइवेट बसों को लेकर जता रहे थे रोष
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। प्राइवेट बसों के रोडवेज में शामिल होने के चलते रोडवेज यूनियनों ने रोष स्वरूप मंगलवार को चक्का जाम रखा। सुबह चार बजे डिपो में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। हड़ताल पर बैठे 8 कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद करीब 30 बसों को निकाल दिया गया, लेकिन कंडक्टर नहीं होने के कारण 12 बजे 18 बसें वापस डिपो में आ गईं। इसका असर काफी हद तक देखने को भी मिला। हालांकि शाम के वक्त स्थिति कुछ सामान्य हो गई थी, लेकिन सुबह और दोपहर में यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानियों का सामना करना पड़ा।
प्राइवेट बसों के रोडवेज में शामिल होने के चलते रोडवेज यूनियनों ने रोष स्वरूप दो दिन के चक्का जाम का एलान किया हुआ था जिसके तहत मंगलवार को चक्का जाम रहा। सुबह करीब चार बजे ही रोडवेज के आंदोलनकारी कर्मचारी डिपो में जुटने शुरू हो गए थे। इसी दौरान पुलिस ने रोडवेज के 8 कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया, जिनके खिलाफ बलदेव नगर थाना में एस्मा, सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। ड्यूटी मजिस्ट्रेट पर पशुपालन विभाग के अधिकारी प्रेम सिंह मौजूद थे। सुबह प्रशासन इस प्रयास में था कि बसें चलाई जाएं, लेकिन वहां प्रशासन को कर्मचारियों के विरोध का सामना करना पड़ा।
30 बसों को बिना कंडक्टर निकाल दिया था
रोडवेज प्रशासन की ओर से कुछ समय पहले भर्ती किए गए बस चालकों को बिठाकर करीब 30 बसें अंबाला छावनी के लिए रवाना की गईं, लेकिन इन बसों में कंडक्टर नहीं थे। दोपहर 12 बजे के करीब 18 बसें कंडक्टर न होने के चलते फिर से अंबाला शहर डिपो में वापस आ गईं। वहीं अधिकारियों का कहना है कि दोपहर बाद इन बसों को दोबारा रूट पर भेजा गया, जिसमें मंगलवार को कुल 36 बसें शामिल हैं। अधिकारी ने बताया कि इस समय अंबाला डिपो में कुल 162 बसें हैं और इनमें से रोजाना 130 के लगभग बसें रूट पर निकलती हैं, लेकिन मंगलवार केवल 36 बसें ही रूट पर निकलीं।
यात्री परेशान, प्राइवेट बसों की चांदी
रोडवेज की हड़ताल के चलते जहां एक ओर यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी हुई, वहीं दूसरी ओर प्राइवेट वाहन चालकों ने जमकर चांदी कूटी। वहीं लंबे रूट पर चलने वाली प्राइवेट बसों में सवारियों की काफी भीड़ भी देखने को मिली। वहीं रोडवेज अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को पंजाब, हरियाणा, हिमालच रूट पर उक्त बसों को चलाया गया।
यह हुए गिरफ्तार
सर्व कर्मचारी संघ के प्रधान इंद्र सिंह बधाना, सचिव कंडक्टर महावीर पाई, सुखबीर, शिवकुमार, राजेश कुमार, रामप्रकाश, पलविंद्र (चालक), अमित, विक्रम राणा, राकेश व विनोद (कंडक्टर) शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर हड़ताल पर बैठे रोडवेज यूनियन नेता रमन सैनी, संदीप ढांडा, रणधीर, सर्व कर्मचारी संघ के नेता नैब सिंह आदि ने कहा कि सरकार कर्मचारियों का दमन करने का प्रयास कर रही है। कर्मचारी सरकार की दमनकारी नीतियों के आगे बिल्कुल नहीं झुकेंगे। उन्होंने इस हड़ताल को पूरी तरह से सफल बताया तथा कर्मचारियों की गिरफ्तारी व उन पर मामला दर्ज किए जाने की निंदा की।
कोट्स
कर्मचारियों को पहले नोटिस दिया गया था, एस्मा के तहत छह माह के आर्डर लागू किए गए हैं। बस संचालन में बाधा न आए, इसको लेकर कार्रवाई की गई जिन्होंने बाधा पहुंचाई उनके विरुद्ध कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। वीडियोग्राफी भी कराई गई है।
-गगनदीप सिंह, जीएम, रोडवेज, अंबाला डिपो।