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सिविल इंजीनियरिंग स्टूडेंट ने किया सुसाइड, चंडीगढ़ रोड पर लगाया जाम, पुलिस ने किया लाठीचार्ज, साथी छात्रों ने कॉलेज में की तोड़फोड़

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छात्र ने किया सुसाइड, साथियों ने कॉलेज में लगने वाले फाइन को बताया कारण, कॉलेज कैंपस में तोड़फोड़ और पथराव
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अमर उजाला ब्यूरो
नारायणगढ़ (अंबाला)।
स्टेट हाईवे नंबर एक पर स्थित गांव भूरेवाला के एसआरएम ग्लोबल इंजीनियरिंग कॉलेज में मंगलवार सुबह नेपाली मूल के एक छात्र द्वारा निर्माणाधीन बिल्डिंग में फंदा लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। सिविल इंजीनियरिंग के द्वितीय वर्ष के छात्र साहबुल अंसारी (22) की मौत से गुस्साए साथी छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन पर जुर्माने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए जमकर प्रदर्शन और तोड़फोड़ की। कॉलेज प्रबंधन के बेरुखी रवैये और पुलिस के देरी से पहुंचने से नाराज छात्रों ने नारायणगढ़-रायपुररानी रोड पर जमकर बवाल किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छात्रों को समझाने का प्रयास किया पर नहीं माने तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इसके बाद छात्रों ने कॉलेज परिसर में जमकर तोड़फोड़ की और पुलिस पर पथराव किया। लगभग तीन घंटे तक चले घटनाक्रम में पांच पुलिसकर्मियों को चोट आई वहीं पांच छात्रों को भी हिरासत में लिया गया। छात्र साहबुल अंसारी ने आत्महत्या क्यों की, इसका कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिल पाया। पुलिस को कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। मगर, साथी छात्रों का कहना है कि कालेज प्रबंधन द्वारा फाइन को लेकर दबाव बनाया जा रहा था। दूसरी ओर कालेज प्रबंधन ने इन आरोपों को खारिज किया है। वहीं कॉलेज परिसर में पुलिस बल तैनात कर दिया गया हैं। मृतक छात्र के शव को नारायणगढ़ सिविल अस्पताल पहुंचाया गया है। जानकारी मुताबिक अंसारी के पिता की मौत हो चुकी है, दो भाई दुबई और मां नेपाल में रहती हैं। छात्रों का आरोप है कि नेपाल मूल के विद्यार्थियों को खासकर परेशान किया जाता है। छात्र कॉलेज के पीछे स्थित पहाड़ी पर चढ़ गए जहां से वह पथराव कर रहे थे, मगर धीरे-धीर पुलिस ने छात्रों को काबू कर लिया।



हॉस्टल के साथ निर्माणाधीन बिल्डिंग में लगाया फंदा
सिविल इंजीनियरिंग द्वितीय वर्ष के छात्र साहबुल अंसारी का शव निर्माणाधीन हॉस्टल विंग में फंदे से झूलता हुआ मिला। छात्रों ने शव देखा तो तुरंत कॉलेज प्रबंधन और पुलिस को मामले की सूचना दी। वहीं छात्रों को जब इस बारे पता चला तो उनमें रोष फैल गया। बताया जाता हैं कि सुबह तकरीबन साढ़े आठ बजे पुलिस को इस बारे सूचित कर दिया गया था, लेकिन पुलिस लगभग 10 बजे मौके पर पहुंची। पुलिस के देरी से आने और कॉलेज प्रबंधन द्वारा छात्रों पर लगाए जा रहे फाइन से खफा छात्रों ने कॉलेज के बाहर चंडीगढ़-नारायणगढ़ रोड पर जाम लगा दिया। गुस्साएं छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन को खूब खरीखोटी सुनाते हुए धक्का-मुक्की का प्रयास भी किया। छात्रों का कहना था कि प्रबंधन के सख्त और लापरवाह रवैये के कारण सभी छात्र परेशान हैं, उन्हें बेवजह अनुशासन के नाम पर प्रताड़ित किया जाता हैं। खासकर मूलरूप से नेपाल के विद्यार्थियों को परेशान किया जा रहा है। उनका यह भी आरोप था कि आत्महत्या करने वाले छात्र पर भी फाइन का दबाव डाला जा रहा था जिस वजह से उसने आत्महत्या की है।
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नहीं समझे छात्र तो किया लाठीचार्ज
करीब एक घंटे से रोड जाम कर धरने पर बैठे छात्रों को समझाने के लिए मौके पर नारायणगढ़ डीएसपी राजबीर सैनी पहुंचे। मगर उनके समझाने पर भी छात्र टस से मस नहीं हुए तो पुलिस ने छात्रों पर लाठियां भांजी। बल प्रयोग से जाम तो खुल गया लेकिन छात्रों ने कॉलेज परिसर में जमकर बवाल काटा। परिसर में खड़े कालेज के वाहनों के साथ-साथ बिल्डिंग के शीशे भी छात्रों ने तोड़ दिए। परिसर में स्थिति को नियंत्रण करने पहुंची पुलिस पर भी छात्रों ने पथराव किया जिसके चलते पांच पुलिस कर्मियों को मामूली चोट आई। इसी बीच कुछ मीडियाकर्मी भी घायल हो गए।

अंबाला से मंगाई गई पुलिस फोर्स
छात्रों ने जिस समय नारायणगढ़ रोड पर जाम लगाया था, उस समय मात्र 15 से 20 मुलाजिम ही मौके पर मौजूद थे। इसी बीच जैसे ही छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया तो वह और उग्र हो गए। स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए अंबाला पुलिस लाइन से और पुलिस फोर्स मंगवाई गई। कुछ समय बाद पुलिस फोर्स की एक बस मौके पर पहुंची जिसे रात तक कालेज परिसर में ही तैनात किया गया था।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने यह लगाए आरोप
नेपाल निवासी साहबुल अंसारी की आत्महत्या के पीछे क्या कारण था इसका खुलासा तो नहीं हो सका और न ही पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट मिला है। मगर छात्रों द्वारा प्रदर्शन से साफ जाहिर है कि छात्रों में कहीं न कहीं प्रबंधन के खिलाफ गहरा रोष हैं। प्रदर्शन कर रहे कई छात्रों का आरोप था कि उन्हें न तो बेहतर खाना मिलता हैं और न ही उन्हें बाहर जाने दिया जाता हैं। यदि वह बाहर ढाबे या होटल से खाना खाते हैं तो उनपर 30-30 हजार रुपये जुर्माना तक लगा दिया जाता है। वह यदि कक्षा में मामूली देरी से आए तो सौ रुपये तक फाइन कर दिया जाता है। इतना ही नहीं छात्रों को कालेज कैंपस से बाहर जाने की तक की इजाजत नहीं है।

दुबई में रहते हैं भाई, पिता की हो चुकी मौत
मृतक छात्र साहबुल अंसारी के पिता की मौत हो चुकी है जबकि मां नेपाल में रहती है। उसके दो भाई दुबई में हैं। नारायणगढ़ पुलिस ने दुबई में उसके भाईयों को मामले की जानकारी दी तो वह भाई के मौत का समाचार सुन अवाक रह गए। फिर उन्होंने लुधियाना में रहने वाले रिश्तेदार के बारे में बताया। अब बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद लुधियाना निवासी परिजनों को शव सौंपा जाएगा।


छात्रों के आरोप नेपाल निवासी छात्रों से हो रही नाइंसाफी
कॉलेज में नेपाल मूल के कई छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान नेपाल मूल के कई छात्रों ने बताया कि कॉलेज प्रबंधन अक्सर उन पर फाइन लगा देता है और उनके साथ नाइंसाफी की जाती है। पूर्व में कई छात्रों पर फाइन लगाए जा चुके हैं। बता दें कि पूर्व में भी इसी कालेज के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो चुका है। कुछ माह पहले भी फीस के मुद्दे को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया था।

बेबुनियाद है छात्रों के आरोप : जिंदल
मामले में जब संस्थान के सीएमडी रोशन लाल जिंदल से बात की गई तो उन्होंने प्रबंधन पर छात्रों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया। मृतक छात्र के संबंध में जिंदल का कहना था कि वह पढ़ाई में ठीक था और उसकी कोई पिछले सेमेस्टरों में कोई कंपार्टमेंट आदि भी नहीं थी। अंसारी की मृत्यु का उन्हें गहरा दुख हैं। आत्महत्या के क्या कारण रहे इसकी पुलिस जांच कर रही है।
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छात्रों में कॉलेज प्रबंधन को लेकर है रोष : डीएसपी सैनी
नारायणगढ़ डीएसपी राजबीर सैनी ने बताया कि रोड जाम करने वाले कुछ छात्रों ने उपद्रव किया हैं जिस पर पुलिस ने हलका बल प्रयोग कर उन्हें सड़क से हटाया है। कुछ छात्रों को मौके से हिरासत में लिया गया। स्थिति नियंत्रण में हैं। कॉलेज परिसर में एतिहातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया हैं। प्रबंधन के खिलाफ छात्रों के रोष को स्वीकारते हुए डीएसपी का कहना था कि छात्रों ने हॉस्टल वार्डन न होने, फाइन लगाने व सुरक्षा को लेकर मौखिक तौर पर शिकायत की है। इसको लेकर जांच की जाएगी।
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