शहीद के नाम से जाना जाए पुल को, बोर्ड मीटिंग में उठी मांग
अमर उजाला में छपी खबर के बाद बोर्ड अध्यक्ष, सीईओ, उपाध्यक्ष और सभी पार्षदों ने लिया संज्ञान
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। काली प्लाटून पुल का नाम कैंटोनमेंट बोर्ड द्वारा बदला जाएगा। अमर उजाला द्वारा इस मामले को प्रमुखता से उठाने के बाद बोर्ड सदन में इस मुद्दे पर चर्चा हुई। उपाध्यक्ष अजय बवेजा सहित पार्षद सुरेंद्र तिवारी एवं अन्य पार्षदों ने इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने बताया कि पुल के दोनों छोर के रास्ते कैंटोनमेंट बोर्ड के अधीन आते हैं। ‘काली प्लाटून’ शब्द भारतीय सेना के लिए एक अपमान की तरह है और यह शब्द अंग्रेज भारतीय सैनिकों के लिए इस्तेमाल करते थे। बैठक में पुल का नाम अंबाला के शहीद गुरसेवक सिंह या विक्रमजीत सिंह के नाम पर रखने की मांग उठाई गई। बोर्ड अध्यक्ष ब्रिगेडियर एसएस सिद्धू और सीईओ वरुण कालिया ने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन सदस्यों को दिया।
बता दें कि अंग्रेजों के समय से इस पुल को काली प्लाटून के नाम से जाना जाता है। पुल के दूसरे छोर पर भारतीय सैनिकों की बैरकें थीं। भारतीयों को तब काले लोग कहकर पुकारा जाता था और पुल के दूसरी ओर जाने वाले इस रास्ते को अंग्रेजों ने काली प्लाटून पुल का नाम दिया था जोकि आज तक चला आ रहा है। अमर उजाला ने सोमवार के अंक में इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था जिसके बाद अब पुल का नाम बदलने की मांग को उठाया गया है।
यह बोले अधिकारी
- बोर्ड अध्यक्ष एवं ब्रिगेडियर एसएस सिद्धू ने कहा कि बोर्ड की मीटिंग में इस मामले को पार्षदों ने उठाया है। मामला मीटिंग में आया है और इस पर चर्चा की जाएगी। उन्हें पहले ऐसी कोई जानकारी नहीं थी।
- सीईओ वरुण कालिया ने बताया कि काली प्लाटून पुल का नाम बदलने पर चर्चा की जाएगी। यह पुल का हिस्सा बोर्ड क्षेत्र में लगता है और पुल का कुछ अन्य नामकरण किया जा सकता है। शहीद के नाम पर पुल का नाम रखने पर विचार किया जाएगा और सदन में जो भी पास होगा उस पर मोहर लगाई जाएगी।
इन्होंने भी उठाई मांग
एक्स सर्विसमैन वेलफेयर कमेटी के अध्यक्ष अतर सिंह मुलतानी ने कहा कि अमर उजाला ने आंख खोलने वाले मामले को उजागर किया है। मामले में जल्द कमेटी का शिष्टमंडल सेना व बोर्ड अधिकारियों से मिलेगा ताकि पुल नाम बदला जा सके।
अंबाला सेवा सदन के अध्यक्ष अशीष अग्रवाल ने कहा कि काली प्लाटून पुल नाम जल्द सेना या प्रशासन को बदलना चाहिए। इस मामले को लेकर सदन के सदस्य भी प्रशासन व कैंटोनमेंट बोर्ड अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेंगे।
विजय रतन चौक बाजार एसोसिएशन के अध्यक्ष व कांग्रेस यूथ के प्रदेश सचिव अतुल महाजन ने कहा कि पुल का नाम शहीदों के नाम पर होना चाहिए। इससे सेना को सम्मान मिलेगा। काली प्लाटून पुल शब्द एक अभिशाप की तरह है।