रेलवे स्टेशन पर एंट्री नहीं होगी आसान, बनेगा मास्टर प्लान
रमिंद्र सिंह
अंबाला कैंट। उत्तर भारत के प्रमुख अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा हमेशा अहम मुद्दा रहा है। पूर्व में हुए हादसों ने यहां की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। 2008 में हुए मुंबई हमले के बाद स्टेशनों की सुरक्षा को लेकर खूब दावे हुए थे, स्टेशन के आसपास चहारदीवारी कर यहां सुरक्षा बढ़ाने तक की योजना बनी, मगर समय के साथ-साथ योजनाएं भी हवा हो गईं। अब रेलवे का दावा है कि जल्द ही कैंट रेलवे स्टेशन पर भविष्य में केवल वही व्यक्ति प्रवेश कर पाएगा जोकि किसी कार्य से आया हो। बिना वजह स्टेशन पर आने वालों को पूरी तरह से प्रतिबंधित किए जाने की योजना है। इसके लिए बैंगलुरू की फर्म स्टेशन का निरीक्षण भी कर चुकी है। बड़े मॉल की तर्ज पर स्टेशन पर एंट्री व एग्जिट बनने जा रही है जिससे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इतना ही नहीं स्टेशन के जीटी रोड के साथ मध्य स्थित गेट की चौड़ाई को भी कम किया जाएगा। सुरक्षा को मजबूती देने के लिए सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
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अंबाला व चंडीगढ़ स्टेशन का सर्वे पूरा
अंबाला कैंट और चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन की एंट्री किसी बड़े मॉल की तरह भविष्य में होने जा रही है। कुछ दिन पहले ही बैंगलुरू की फर्म ने इसका सर्वे पूरा कर लिया है और रेलवे जल्द इस योजना को अमलीजामा पहनाने वाला है। स्टेशन पर एक गेट पर बैरियर आदि लगाकर वाहनों की एंट्री को प्रतिबंधित किया जाएगा। केवल यात्री, उन्हें चढ़ाने के लिए आने वाले व अन्य कार्यों से आने वाले वाहन चालक को आने दिया जाएगा। वाहन सीधे पार्किंग अलॉट में जाएंगे और दूसरे गेट से उनकी एग्जिट होगी। वाहनों के लिए अलग-अलग लेन होंगी। एंट्री और एग्जिट गेट पर जीआरपी व आरपीएफ की सुरक्षा होगी। इसके अलावा स्टेशन के मध्य पैदल यात्रियों के लिए बनाए गए गेट की चौड़ाई को भी कम किया जाएगा। रेल अधिकारियों की मानें तो आगामी कुछ माह में इस पर कार्य आरंभ हो जाएगा।
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तीन माह का ट्रायल हुआ सफल, अब नियमित तैनात होंगे कर्मी
रेलवे स्टेशन पर अकसर साधु बाबाओं, भीख मांगने वाले या नशा आदि करने वाले लोगों की भरमार होती थी। इसके लिए रेलवे ने ट्रायल के तौर पर 15 होम गार्ड्स को स्टेशन पर तीन महीने से तैनात किया था। इनकी ड्यूटी ऐसे लोगों को स्टेशन परिसर से बाहर करने की थी और इसमें रेलवे काफी हद तक सफल भी हुआ है। अब इन्हें नियमित तौर पर स्टेशन पर तैनात किया जा रहा है।
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पहले से ज्यादा लगेंगे सीसीटीवी
स्टेशन के सुरक्षा तंत्र मजबूत करने के लिए रेलवे द्वारा सीसीटीवी कैमरों की संख्या को बढ़ाया जाएगा। अभी स्टेशन पर 51 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं और भविष्य में 75 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। यह कैमरे हाईटेक एवं अच्छी क्वालिटी के होंगे जिनमें दिन व रात्रि में आसानी से जूम करके फोकस किया जा सकेगा। उन स्थानों को कवर किया जाएगा जहां अभी स्टेशन परिसर पर पहले कैमरे नहीं लगे हुए हैं।
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पहले योजनाएं जिन पर नहीं हुआ अमल
मुंबई हमलों के बाद इंटीग्रेटिड सिक्योरिटी सिस्टम के तहत योजना बनी थी जिसके तहत स्टेशन के चारों ओर बाउंड्री वॉल की जानी थी, मगर इस योजना पर आज तक कार्य नहीं हो सका। स्टेशन पर आज भी यार्ड व अन्य क्षेत्रों से लोग एंट्री कर रहे हैं।
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छानबीन में जुटी जीआरपी, नहीं लगा सुराग
कैंट रेलवे व अन्य स्टेशनों एवं स्थानों पर बम धमाकों की धमकी के मामले में जीआरपी के हाथ कोई ठोस सबूत नहीं लगे हैं। फिलहाल जीआरपी यह जानने का प्रयास कर रही है कि पत्र आखिरकार कहां से आया। जीआरपी थाना प्रभारी राम बच्चन ने बताया कि स्टेशन पर पूरी चौकसी बरती जा रही है और जांच अभियान चलाए जा रहे हैं।
कोट्स
कैंट रेलवे स्टेशन पर बैंगलुरू की फर्म द्वारा सर्वे किया गया है। सर्वे के तहत कई पहलुओं को जांचा गया है और जल्द यहां पर नया सिस्टम होगा। बड़े मॉल की तर्ज पर पार्किंग सिस्टम होगा। वाहन चालकों की एंट्री व एग्जिट पर फोकस होगा। इसके अलावा सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। स्टेशन पर 75 नए कैमरे लगने प्रस्तावित हैं।
-बीएस गिल, स्टेशन डायरेक्टर, अंबाला कैंट।