ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ देशभर में केमिस्ट आज काली पट्टी बांधकर बेचेंगे दवा
कुलदीप चहल
अंबाला कैंट। एक बार फिर ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ देशभर के केमिस्ट सरकार से आरपार की लड़ाई के मूड में दिख रहे हैं। विरोध इस बात का है कि ऑनलाइन फार्मेसी जहां कारोबार को चौपट करेगी, वहीं फर्जी प्रिस्क्रिप्शन पर भी उन दवाओं की बिक्री पर रोक लगाना मुश्किल होगा, जिनका गलत इस्तेमाल हो सकता है। ऐसे में देशभर के 8.50 लाख और हरियाणा के 16 हजार केमिस्ट जहां 20 सितंबर से काली पट्टी बांधकर विरोध करेंगे, वहीं 28 सितंबर को एक दिन की हड़ताल की जाएगी।
हरियाणा स्टेट केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन का कहना है कि ऑनलाइन फार्मेसी जहां कारोबार के हित में नहीं है, वहीं उन दवाओं की बिक्री को भी तेज कर देगी, जिनका गलत इस्तेमाल होने की संभावनाएं सबसे अधिक हैं। इसी को लेकर सरकार के समक्ष पहले भी विरोध दर्ज कराया गया था, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से कोई ठोस राहत नहीं मिली है। ऐसे में ऑल इंडिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर 20 सितंबर से सभी दवा विक्रेता ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध में काली पट्टी बांधकर दवा बेचेंगे। इसके साथ ही यदि सरकार इस मामले में कोई कदम नहीं उठाती तो 28 सितंबर को एक दिन की देशव्यापी हड़ताल तथा इसके बाद चरणबद्ध तरीके से विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
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इन बातों का विरोध कर रहे केमिस्ट
- ऑनलाइन पोर्टल पर जवाबदेही और पर्चे की प्रमाणिकता परखे बिना ही दवा भेज दी जाएगी।
- एमटीपी किट सहित अन्य दवाओं, जिनका गलत इस्तेमाल हो सकता है, उनकी बिक्री बढ़ेगी।
- दवाओं की बिक्री पुराने पर्चे पर या फिर नकली पर्चे पर भी की जा सकती है।
- कोई भी उपभोक्ता मिलीभगत कर अपने इस्तेमाल के लिए दवा को मंगवा सकता है।
- रिटेल, होलसेल में काम करने वाले दवा विक्रेताओं के कारोबार पर इसका असर पड़ेगा।
- ऑनलाइन पोर्टल पर दवा बिक्री पर डिस्काउंट देना कारोबार को चौपट करेगा।
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यह बोले उपभोक्ता
शंकाओं को दूर किया जाना चाहिए
ऑनलाइन फार्मेसी सरकार यदि शुरू कर रही है तो इसके बारे में जो भी शंकाएं हैं उसे दूर किया जाना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि विरोध में उतरी एसोसिएशन व सरकार के नुमाइंदे बैठक कर बातचीत करें और इसका समाधान निकालें। उपभोक्ताओं के लिहाज से देखें तो यह सही है, जबकि दूसरा पहलू भी देखा जाना चाहिए।
-एडवोकेट रविंदर बख्शी, उपभोक्ता, अंबाला कैंट।
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ऑनलाइन फार्मेसी उपपभोक्ताओं के नजरिये से सही है। दवा का इस्तेमाल करना तो मरीज के हाथ में है। यदि दवा के गलत इस्तेमाल की बात है तो यह आज भी हो रही है। कई बार दवा रिटेलर के पास उपलब्ध नहीं होती, तो कम से कम ऑनलाइन तो मंगवाया जा सकता है। हां, सरकार इस बात को सुनिश्चित कर सकती है कि दवा का गलत इस्तेमाल कैसे रोका जाए और रिटेलर व होलसेलर दवा विक्रेताओं पर असर न पड़े, इसका समाधान निकाले।
- सलीम खान, नौकरीपेशा, अंबाला कैंट।
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जिले में करीब दो हजार के आसपास रिटेलर और होलसेलर हैं। ऑनलाइन फार्मेसी को सरकार ने शुरू तो कर दिया है लेकिन इसमें कई नियम ऐसे हैं जिनकी पालना करना मुश्किल है। ऐसे में कैसे इस पर नजर रखी जा सकेगी, कुछ क्लीयर नहीं है। दूसरी ओर रिटेल विक्रेताओं या होलसेल का काम करने वाले दवा विक्रेताओं का कारोबार भी काफी कम हो जाएगा।
-बलित नागपाल, संगठन सचिव, अंबाला होलसेल केमिस्ट एसोसिएशन।
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ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध में 20 सितंबर से काली पट्टी बांधकर विरोध किया जाएगा, जबकि 28 सितंबर को देश भर में एक दिन की हड़ताल है। ऑनलाइन फार्मेसी लोगों के हितों में नहीं है, जबकि इसमें कई परेशानियां खड़ी होंगी। इसी का ऑल इंडिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन विरोध कर रही है।
-अशोक सिंगला, महासचिव, हरियाणा स्टेट केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन।