शाहपुर का शूटर वर्ल्ड और एशियन गेम्स में साधेगा निशाना
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। दिव्यांग पैरा निशानेबाज खिलाड़ी दीपक सैनी का चयन फ्रांस में होने वाले वर्ल्ड गेम्स और इंडोनेशिया में होने वाले एशियन गेम्स के लिए हुआ है। जहां वो 10 मीटर और 50 प्रोन एयर राइफल प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। चयन के बाद दीपक देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने की प्रैक्टिस में जुट गए हैं।
अंबाला के छोटे से गांव शाहपुर निवासी दीपक सैनी साधारण परिवार में पैदा तो हुए परंतु अपनी साधारण काबलियत से पूरी दुनिया में छाने को तैयार हैं। दीपक ने निशानेबाजी में अपना एक अलग मुकाम हासिल किया। प्रतियोगिताओं में मिले ईनाम के पैसों और कुछ सरकारी मदद से अपनी खुद की गांव शाहपुर स्थित शूटिंग रेंज तैयार की और लक्ष्य बनाया। दीपक की सालों की मेहनत रंग लाई और अब दीपक फ्रांस में होने वाले वर्ल्ड गेम्स में भारत की ओर से खेलने जा रहे हैं। सितंबर में होने वाले वर्ल्ड पैरा गेम्स में दीपक शानदार प्रदर्शन दिखाकर देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने की हसरत लेकर प्रेक्टिस में जुट गए हैं। वर्ल्ड गेम्स के तुरंत बाद अक्तूबर में इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में होने वाले पैरा एशियन गेम्स में भी दीपक भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
सरकार ने की हर संभव मदद, आगे भी उम्मीद
दीपक ने बताया कि सरकार ने उनकी हर संभव मदद की है। रेंज बनाने में भी खेल मंत्री अनिल विज का पूरा सहयोग मिला और उम्मीद है आगे भी मिलता रहेगा। दीपक सैनी बताते हैं कि दोनों बड़ी प्रतियोगिताएं आगामी महीनों में होनी है। इसलिए तैयारी का वक्त भी कम है। अभ्यास के लिए राइफल, कारतूस एवं अन्य कुछ सामान की जरूरत है जिस बारे में खेल मंत्री अनिल विज से मदद मिलने की पूरी उम्मीद है। इन प्रतियोगिताओं के बाद दीपक का अगला लक्ष्य 2020 में जापान की राजधानी टोक्यो में होने वाले ओलंपिक गेम्स की टीम में जगह बना कर देश के लिए खेलने का होगा।
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गांव में ही स्थापित की शूटिंग रेंज
दीपक सैनी ने अब तक राज्य व राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कई मेडल जीते हैं और अब वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जोरदार प्रदर्शन कर अपनी छाप छोड़ना चाहता था। दीपक द्वारा गांव में ही शूटिंग रेंज स्थापित की गई है जिसका फायदा गांवों के युवा एवं आसपास क्षेत्रों के लोग भी उठा रहे हैं।
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पिता के मरने के बाद टेलर बनने की सोची थी
दीपक सैनी जब नौ साल का था तो उसके पिता हरपाल सिंह का निधन हो गया। उसने तब सोचा टेलर बनकर परिवार का लालन पालन करेगा। इस दौरान उसने खेती भी की, मगर जहन में वह एक सपना लिए था। वर्ष 2011 में दोस्त धर्मबीर को इच्छा बताई तो उसने पैसों का जुगाड़ किया और गन ले ली। कुरुक्षेत्र के गुरुकुल में एक साल तक प्रेक्टिस की। फिर दिल्ली की करनी सिंह शूटिंग रेंज में बिना कोच के प्रेक्टिस की। एयर राइफल प्रोन प्रतियोगिता में नेशनल गेम्स में खेलने का मौका मिला और सिल्वर मेडल जीता। इसके बाद 50 मीटर और 10 मीटर एयर राइफल प्रोन प्रतियोगिता में नेशनल चैंपियन भी रहा। अब तक दीपक पोलैंड, क्रोशिया, आस्ट्रेलिया, अमेरिका और यूएई में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुका है।