अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। गांव बोह की डेहा बस्ती में फैले डायरिया ने दर्जनों लोगों को बीमार कर दिया है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि करीब 12 मरीज सामने आए हैं, जिनको अस्पताल लाया गया, जबकि मरीजों की संख्या ज्यादा नहीं है। उधर, एक परिवार के लोगों का दावा है कि एक बच्ची की मौत भी डायरिया से हुई है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि उनके पास ऐसी कोई सूचना नहीं है। फिलहाल जनस्वास्थ्य विभाग की टीम ने जहां वाटर सैंपल भरे हैं, वहीं टैंकर के जरिये पानी की सप्लाई शुरू की गई है।
डेहा बस्ती बोह में बीते दिन से लोग उल्टी और दस्त से परेशान हैं। वीरवार को अचानक मरीजों की संख्या बढ़ गई। यह मरीज स्थानीय पीएचसी में दवा लेने पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी सूचना सीएमओ को दी, जिसके बाद डाक्टरों की टीम को मौके पर भेजा। यहां ग्यारह मरीज ऐसे पाए गए, जिनको अस्पताल लाया गया, जहां उनका इलाज किया गया। डाक्टरों का कहना है कि यह सभी मरीज ठीक हैं और उनको उपचार दिया जा रहा है। दूसरी ओर स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर घर से एक या दो लोग बीमार हैं, जबकि बीते दो दिन से पीएचसी से दवा ले रहे हैं। एक परिवार के सदस्यों का कहना है कि दो साल की बच्ची जयसिरीन उनके घर माता-पिता के साथ आई थी, जबकि वह भी बीमार हो गई। वीरवार को उसकी दवा लेकर आए, लेकिन कुछ देर के बाद ही उसकी मौत हो गई।
डाक्टरों की टीम तैनात
स्वास्थ्य विभाग को जैसे ही इसकी सूचना मिली तो डाक्टरों की एक टीम को मौके पर भेजा गया। पीएचसी बोह में डाक्टरों ने मरीजों का चेकअप किया और जिनको अस्पताल लाने की जरूरत थी, उनको कैंट सिविल अस्पताल भेजा गया। इसके अलावा क्षेत्र में एक एंबुलेंस को भी तैनात किया गया है।
जनस्वास्थ्य विभाग ने लिए वाटर सैंपल
डायरिया की सूचना मिलते ही जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी टीम सहित मौके पर पहुंचे। यहां टीम ने वाटर कनेक्शन चेक किए और कई घरों से पानी के सैंपल भी लिए। टीम ने फिलहाल वाटर टैंकरों से पानी की सप्लाई शुरू की है जबकि डाक्टरों ने एहतियात बरतने की भी सलाह दी है।
नखडौली में फैला था डायरिया
नारायणगढ़ के नखडौली में हाल ही में डायरिया के करीब साठ मरीज सामने आए थे। इनमें से कई मरीजों की हालत काफी खराब थी, जिनको एमएम अस्पताल मुलाना में भी भेजा गया। एक पखवाड़े में यह दूसरा मामला है, जिसमें काफी संख्या में मरीज सामने आए हैं। दूसरी ओर निजी चिकित्सकों की मानें तो उल्टी दस्त व बुखार के मरीज लगातार सामने आ रहे हैं।
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कोट्स
जैसे ही सूचना मिली डाक्टरों की टीम मौके पर भेजी गई थी। करीब 11 मरीज अस्पताल लाए गए थे, जिनको उपचार दिया गया और उनकी हालत बेहतर है।
-डा. सतीश, एसएमओ अंबाला कैंट।
मैंने खुद मौके पर जाकर घरों में चेक किया है। करीब 12 बच्चे बीमार हैं जिनका इलाज किया गया है। इन सभी बच्चों की सेहत अब ठीक है। उल्टी-दस्त के कारण किसी की मौत हुई है, ऐसा मामला मेरी जानकारी में नहीं आया है, जबकि हर लेवल पर इसकी जानकारी ली गई है। क्षेत्र में टीम तैनात है, जबकि एंबुलेंस भी खड़ी की गई है।
-डा. अशोक शर्मा, सीएमओ, अंबाला।