फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

- मामला केबल नेटवर्क मामले में मंत्री विज के भतीजे व अन्य का नाम आने का

विज्ञापन
विज्ञापन
जानबूझकर फंसाया गया मामले में, बेटे की कोई भूमिका नहीं : विज
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
पटियाला कोतवाली थाने में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के भतीजे गौरव विज और राज्यमंत्री के करीबी पर दर्ज फ्रॉड के मामले में गौरव विज के पिता राजिंद्र विज ने बदनाम करने की साजिश बताते हुए कहा कि इस मामले में उनके बेटे को जानबूझकर फंसाया गया है। बेटे की कोई भूमिका नहीं है। मामले में नामजद गौरव विज के पिता एवं मंत्री अनिल विज के बड़े भाई राजिंद्र विज ने अमर उजाला को बताया कि इस पूरे मामले में गौरव की किसी तरह से कोई भूमिका नहीं है और केवल परिवार को बदनाम करने की साजिश की गई है। परिवार 40 वर्षों से राजनीति में है और एक भी आरोप परिवार पर नहीं है। उन्होंने बताया कि एक ही तरह की दो एफआईआर अलग-अलग स्थानों पर हो ही नहीं सकती और इस मामले में अदालत तक ने निर्देश दिए हुए हैं। केवल राजनीतिक तौर पर बदनाम करने के लिए पटियाला में यह मामला दर्ज कराया गया है। बेटे द्वारा कुछ गलत नहीं किया गया है और परिवार किसी भी जांच के लिए तैयार है।

अंबाला पुलिस से पुरानी मामले की जानकारी लेगी पटियाला पुलिस
वहीं पटियाला पुलिस अब अंबाला पुलिस से संपर्क कर दिसंबर माह में दर्ज किए मामले की जानकारी हासिल करेगी। मंत्री अनिल विज के भतीजे गौरव विज, केबल फर्म संचालक विकास पुरी, रणधीर सिंह और अन्य को पुलिस पहले ही मामले को लेकर नोटिस भेज चुकी है। इस केस से संबंधित एक अन्य केस दिसंबर माह में अंबाला सिटी के बलदेव नगर थाने में भी दर्ज हुआ था और अब जल्द पटियाला पुलिस उस केस से जुड़ा रिकार्ड भी हासिल करने का प्रयास करेगी ताकि मामले की तह तक पहुंचा जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


पटियाला कोतवाली थाने के एसएचओ राहुल कौशिक ने बताया कि पुलिस नोटिस भेज चुकी है। मामले की जांच के लिए कुछ दस्तावेज पुलिस के हाथ लगे हैं। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता ने पुलिस को जानकारी दी है कि बीते वर्ष दिसंबर माह में अंबाला में भी इसी से संबंधित एक अन्य मामला भी दर्ज कराया गया था जिसके बारे में अब अंबाला पुलिस से संपर्क करके जानकारी हासिल की जाएगी। बता दें कि पटियाला निवासी जगदीप सोढी की शिकायत पर केबल नेटवर्क की फर्म में फर्जी दस्तावेज तैयार करने, उन दस्तावेजों के सहारे एकाउंट खोलने व अन्य आरोपों के तहत पटियाला पुलिस ने बीते सप्ताह ही मामला दर्ज किया था। मामला प्रदेश के बड़े मंत्रियों से जुड़ा होने की वजह से राजनीति गलियारों में हलचल मच गई थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें